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This Article is From Aug 05, 2024

बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद राष्ट्रपति ने दिए खालिदा जिया की रिहाई के आदेश

बेगम खालिदा जिया ने मार्च 1991 से मार्च 1996 तक और फिर जून 2001 से अक्टूबर 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं. वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं. जबकि मुस्लिम दुनिया में पाकिस्तान की बेनजीर भुट्टो के बाद दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं.

बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद राष्ट्रपति ने दिए खालिदा जिया की रिहाई के आदेश
खालिदा जिया बांग्लादेश में मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख हैं.
नई दिल्ली:

बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन के बीच शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है. ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पूर्व पीएम और प्रमुख विपक्षी नेता खालिदा जिया की जेल से रिहाई के आदेश दे दिए हैं. राष्ट्रपति ने खालिदा जिया को तुरंत रिहा करने को कहा है.

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की तरफ से एक बयान में कहा गया, "बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया को तुरंत रिहा करने का सर्वसम्मति से फैसला किया है." 

भारत विरोधी नेता की छवि
खालिदा जिया बांग्लादेश में मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख हैं. उन्हें धुर भारत विरोधी नेता के तौर पर जाना जाता है. ऐसी संभावना है कि वह रिहाई के बाद बांग्लादेश की नई प्रधानमंत्री नियुक्त हो सकती हैं.

बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद राष्ट्रपति ने दिए खालिदा जिया की रिहाई के आदेश

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री
बेगम खालिदा जिया ने मार्च 1991 से मार्च 1996 तक और फिर जून 2001 से अक्टूबर 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं. वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं. जबकि मुस्लिम दुनिया में पाकिस्तान की बेनजीर भुट्टो के बाद दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं.

पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी
खालिदा जिया बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी हैं. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थापना जियाउर रहमान ने ही की थी. खालिदा 1984 से BNP की अध्यक्ष हैं. 1982 में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल हुसैन मुहम्मद इरशाद के नेतृत्व में एक सैन्य तख्तापलट के बाद खालिदा जिया ने लोकतंत्र के लिए आंदोलन का नेतृत्व करने में मदद की. 1991 के आम चुनाव में उनकी पार्टी को जीत मिली, जिसके बाद खालिदा पहली बार पीएम बनीं. 

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जेल में क्यों बंद थीं खालिदा जिया?
पूर्व पीएम खालिदा जिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. उनपर 2.52 लाख डॉलर के भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. 2018 में खालिदा जिया और उनके बेटे तारिक रहमान जिया अनाथाल ट्रस्ट करप्शन केस और जिया चैरिटेबल ट्रस्ट करप्शन केस में दोषी पाए गए. खालिदा जिया के खिलाफ कुल 36 मामले चल रहे थे. खालिदा जिया को भ्रष्टाचार के मामले में 17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद 2018 में जेल भेज दिया गया था.

अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान समेत चार अन्य लोगों को भी दोषी करार दिया था. इन सभी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी. फिलहाल खालिदा अस्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.

अंतरिम सरकार में शामिल होंगी खालिदा जिया?
शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की सेना ने अंतरिम सरकार के गठन का ऐलान किया है. ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिम सरकार में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग से कोई शामिल नहीं होगा. वहीं, खालिदा जिया की रिहाई के आदेश के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उन्हें या उनकी पार्टी से कुछ लोगों को अंतरिम सरकार में शामिल किया जा सकता है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी  (BNP) के कार्यवाहक चेयरमैन तारिक रहमान नए पीएम बनाए जा सकते हैं.

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