विज्ञापन

कौन हैं ISIS की ये 'दुल्हनें'? वतन वापसी के बाद टेंशन में आ गई ऑस्ट्रेलिया की पुलिस

ISIS Brides: साल 2010 के शुरुआती दशक में जब आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) का दबदबा बढ़ रहा था, तब दुनिया भर से सैकड़ों महिलाएं उनके बहकावे में आकर मध्य पूर्व चली गई थीं. इनमें से ज्यादातर वो थीं जो अपने पति के पीछे-पीछे सीरिया पहुंच गईं.

कौन हैं ISIS की ये 'दुल्हनें'? वतन वापसी के बाद टेंशन में आ गई ऑस्ट्रेलिया की पुलिस
फाइल फोटो

सीरिया के खौफनाक मंजर से निकलकर ISIS आतंकियों की पत्नियां और बच्चे आखिरकार ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए हैं. सालों तक रिफ्यूजी कैंपों में जिल्लत की जिंदगी बसर करने के बाद जब ये महिलाओं अपने देश वापसी लौंटी तो इनके लिए जिंदगी पहले की तरह नहीं रह गई थीं. 

तथाकथित 'आईएसआईएस ब्राइड्स' (ISIS Brides) के नाम से जानी जाने वाली इन महिलाओं की वतन वापसी ने ऑस्ट्रेलिया में एक नई बहस और सुरक्षा को लेकर बड़ी टेंशन खड़ी कर दी है.

मंगलवार (26 मई 2026) को मेलबर्न और सिडनी के हवाई अड्डों पर जब कतर के रास्ते सात महिलाएं और 12 मासूम बच्चे उतरे, तो सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद थीं. ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने साफ किया है कि फिलहाल आते ही इनमें से किसी पर कोई सीधा मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन उनके सामान की बारीकी से तलाशी ली गई और उनके मोबाइल-लैपटॉप जैसे तमाम डिजिटल डिवाइसेज को कब्जे में ले लिया गया है ताकि उनके मंसूबों और सीरिया में उनकी गतिविधियों की तफ्तीश की जा सके.

कौन हैं ये 'ISIS दुल्हनें' और कैसे फंसीं इस दलदल में?

दरअसल, साल 2010 के शुरुआती दशक में जब आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) का दबदबा बढ़ रहा था, तब दुनिया भर से सैकड़ों महिलाएं उनके बहकावे में आकर मध्य पूर्व चली गई थीं. इनमें से ज्यादातर वो थीं जो अपने पति के पीछे-पीछे सीरिया पहुंच गईं, जिन्होंने जिहादी लड़ाका बनने का रास्ता चुना था. इसी वजह से इन्हें 'ISIS दुल्हनें' कहा जाने लगा.

ये सभी महिलाएं मूल रूप से ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं और पिछले कई सालों से सीरियाई कुर्द सेना के नियंत्रण वाले 'रोज कैंप' में बेहद तंगहाली में रह रही थीं. 2019 में आईएसआईएस की शिकस्त के बाद इन्हें इन कैंपों में कैद कर दिया गया था. सरकार का कहना है कि इन लोगों ने खुद एक खतरनाक आतंकी संगठन का हिस्सा बनने और अपने बच्चों को इस खौफनाक माहौल में धकेलने का फैसला किया था, इसलिए इन्हें वतन वापस लाने में सरकार ने अपनी तरफ से कोई मदद या ढील नहीं दी है.

यह भी पढ़ें: इजरायली चुरा रहे फिलिस्तीनी लोगों के भेड़? बकरीद से पहले क्यों लग रहे ऐसे आरोप

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com