ऑस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स के न्यू साउथ वेल्स के लाइटनिंग रिज इलाके में पच्चास साल पुराना घर आज भी सुर्खियों में बना हुआ है. यह घर कांच की बोतलों से बनाया गया है, जिसको 'बॉटल हाउस' कहा जाता है. आज भी लोग इसे देखकर, इसके बारे में पढ़कर आश्चर्य करते हैं. साल 1967 में ऑस्ट्रेलिया के दूर-दराज इलाके में हजारों बेकार कांच की बोतलों से एक अनोखा घर बनाया गया था. करीब लगभग छह दशक बाद भी यह इमारत मौके पर मौजूद है. आज यह जगह एक टूरिस्ट अट्रैक्शन और म्यूजियम बन चुकी है. जहां ओपल-माइनिंग से जुड़ी चीजें, पुरानी बोतलें और दूसरी ऐतिहासिक वस्तुएं रखी गई हैं. 'बॉटल हाउस' के नाम से जानी जाने वाली इस इमारत को टेक्स मोकेल ने बनाया था. इसकी दीवारें कांच की बोतलों को जोड़कर बनाई गई हैं, जबकि इसकी तेज ढलान वाली, करीब A-शेप की छत नालीदार लोहे से बनी हुई है. इमारत के अंदर कई छोटे कमरे और एक ऊपरी मंजिल का छोटा कमरा बना है.

Photo Credit: www.nsw.gov.au

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खराब बोतलों से कैसे बना बिल्डिंग का मटीरियल?
'द बॉटल हाउस' को क्वींसलैंड बॉर्डर के पास बसे एक छोटे से शहर, हेबेल से इकट्ठा की गई बोतलों का इस्तेमाल करके बनाया गया था. न्यू साउथ वेल्स सरकार की आधिकारिक टूरिज्म जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में बोतलों को जोड़ने के लिए सीमेंट का इस्तेमाल किया गया था. बाद में मोकेल को पता चला कि स्थानीय मिट्टी ज्यादा सही रहेगी, क्योंकि इससे टूटी हुई बोतल को बदलना आसान हो जाता था. इस बिल्डिंग की दीवारें ही इसकी सबसे खास बात हैं. कांच की बोतलों की कतारों से इसका ढांचा बना है, जिससे यह ईंट, लकड़ी या कंक्रीट से बने आम घरों से बिल्कुल अलग दिखता है.
कांच से छनकर आती रोशनी एक और खास नजारा बनाती है, जिसे टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट की फोटो गैलरी में दिखाया गया है. उपलब्ध ऐतिहासिक रिकॉर्ड में इसके कॉन्स्ट्रक्शन में इस्तेमाल हुईं बोतलों की सही तादाद नहीं बताई गई है. हालांकि, बिल्डिंग की दीवारें करीब पूरी तरह से बोतलों से बनी हैं, जिससे खराब कांच ही इसके डिजाइन की मुख्य पहचान बन गया है.
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माइनर के कैंप से म्यूजियम तक...
'बॉटल हाउस' असल में एक माइनर (खदान में काम करने वाले) के कैंप से जुड़ा था, जो लाइटनिंग रिज के ओपल-माइनिंग बस्ती वाले इतिहास को दिखाता है. उत्तरी न्यू साउथ वेल्स में बसा यह शहर अपने काले ओपल (एक तरह का सिलिका खनिज) के लिए मशहूर है और यहां माइनिंग और छोटी बस्ती का लंबा इतिहास रहा है.
लाइटनिंग रिज हिस्टोरिकल सोसाइटी की रिपोर्ट के मुताबिक, 1970 के दशक में कुछ वक्त के लिए डेव मार्टिन ने बॉटल हाउस चलाया था. सितंबर 1969 में स्थानीय 'लाइटनिंग फ्लैश' अखबार में इस जगह के लिए एक एडवर्टीजमेंट छपा था, जिससे पता चलता है कि बनने के कुछ वक्त बाद ही इसे पर्यटकों के लिए प्रमोट किया जा रहा था.

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मौजूदा वक्त की बात करें तो, इस इमारत में एक छोटा सा म्यूजियम है, जिसमें ओपल माइनिंग और खनिजों से जुड़ी चीजें रखी हैं. पर्यटक यहां पुरानी बोतलों, कलाकृतियों और दूसरी पुरानी चीजों का कलेक्शन भी देख सकते हैं. यह कलेक्शन सिर्फ दीवारों में लगी बोतलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय इतिहास से भी इस जगह का गहरा जुड़ाव दिखाता है.
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