मेलबर्न:
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स स्थित हिन्दू समुदाय के सबसे प्राचीन मंदिर पर कुछ नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोलीबारी की, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ऑबर्न स्थित श्री मंदिर तीन दशक पुराना है, जिस पर हाल ही में नकाब पहने दो लोगों ने हमला किया। यह घटना 19 मार्च की रात की है। हमलावर सीसीटीवी में गोलीबारी करते दिखाई दिए। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड अखबार के अनुसार स्थानीय पुलिस की प्रवक्ता ने बताया कि जासूस हमलावरों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। सिडनी के निवासी एवं भारतीय समुदाय पर केंद्रित अखबार द इंडियन के संपादक रोहित रेवो ने कहा कि हाल में हुआ हमला ऐसा कोई पहला मामला नहीं है। मंदिर पर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं। गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इससे पुजारी और श्रद्धालुओं के मन में भय व्याप्त हो गया है। गत नवम्बर में कुछ सशस्त्र लोगों ने धातु की छड़ों से उस समय मंदिर परिसर की दो खिड़कियों को नष्ट कर दिया था, जब श्रद्धालु मंदिर के अंदर मौजूद थे। मंदिर के पुजारी जतिन कुमार भट ने दावा किया कि बीते समय में कुछ युवक उन्हें परेशान कर चुके हैं, लेकिन गोलीबारी की घटना ने उन्हें काफी डरा दिया है। रेवो ने कहा कि हमले की वीडियो फुटेज पुलिस को सौंप दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अखबार ने उनके हवाले से कहा, कुछ गोलियां मंदिर के प्रवेश द्वार की दीवार पर लगीं। एक गोली दीवार को पार करते हुए निकल गई और मंदिर के आपातकालीन द्वार से जा टकराई। एक गोली मंदिर की छत में मारी गई। मंदिर की दीवारों पर गोलियों के निशान देखने से पता चलता है कि इस हमले में बड़े आकार की गोलियां इस्तेमाल की गईं। उन्होंने कहा, सामान्य गोलियों का आकार काफी छोटा होता है, लेकिन इस हमले में इस्तेमाल की गई गोलियों से दीवारों में बड़े-बड़े छेद हो गए। इस हिंसा से मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों में भी दहशत है और वे ई-मेल इत्यादि भेजकर मंदिर के प्रति मौन समर्थन व्यक्त कर रहे हैं। वे सार्वजनिक रूप से कुछ भी बोलने में डरते हैं। नवम्बर में हुए हमले के दौरान मंदिर के भीतर छह श्रद्धालु मौजूद थे, जो किस्मत से बच गए थे।
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ऑस्ट्रेलिया, मंदिर पर हमला