- एंडी बर्नहम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने की मजबूत स्थिति में पहुंच गए हैं
- नामांकन के पहले ही दिन लेबर पार्टी के 403 में से 322 सांसदों ने एंडी बर्नहम का समर्थन किया
- एंडी बर्नहम ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमें इजरायल की सरकार पर और ज्यादा दबाव डालना होगा
एंडी बर्नहम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने की मजबूत स्थिति में पहुंच गए हैं. एंडी बर्नहम को प्रधानमंत्री बनने के लिए लेबर पार्टी का लीडर बनना है और पार्टी के सैकड़ों सांसदों ने आधिकारिक तौर पर उन्हें पार्टी का नया नेता बनाने के लिए अपना समर्थन दे दिया है. लेबर पार्टी ने बताया कि गुरुवार को नामांकन के पहले ही दिन उसके 403 में से 322 सांसदों ने एंडी बर्नहम का समर्थन किया. वह प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की जगह लेंगे. स्टार्मर ने पिछले महीने पद छोड़ने का ऐलान किया था.
56 साल के एंडी बर्नहम सत्ताधारी लेबर पार्टी के इकलौते सांसद हैं, जिन्होंने खुलकर पार्टी नेता बनने की उम्मीदवारी का ऐलान किया है. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बर्नहम ने कहा, "अब यह सब सच होता हुआ महसूस होने लगा है." 322 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद लगभग तय माना जा रहा है कि एंडी बर्नहम ही लेबर पार्टी के नए नेता बनेंगे और उसके बाद प्रधानमंत्री भी. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि किसी दूसरे उम्मीदवार के लिए चुनाव में उतरने के लिए ही 81 सांसदों का सपोर्ट चाहिए होगा चाहिए, जिसकी संभावना अब बहुत कम मानी जा रही है.
लगातार तीन बार ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर का चुनाव जीतने की वजह से एंडी बर्नहम को "किंग ऑफ द नॉर्थ" भी कहा जाता है. उन्होंने वादा किया है कि वह देश में सत्ता के बंटवारे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव लाएंगे. उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि इजरायल के सर्मथन के मुद्दे पर वह कीर स्टार्मर से अलग रास्ता अपना सकते हैं. स्टार्मर की सरकार ने गाजा युद्ध के दौरान बढ़ती आलोचना के बावजूद इजरायल का मजबूत समर्थन किया था.
इजरायल पर ज्यादा दबाव डालना चाहते हैं बर्नहम
द गार्डियन की गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक एंडी बर्नहम गाजा में इजरायल की कार्रवाई को लेकर इजरायली सरकार पर और ज्यादा दबाव डालना चाहते हैं. इस अखबार को दिए इंटरव्यू में बर्नहम ने कहा कि अक्टूबर 2023 में हमास के बंदूकधारियों के हमले के बाद गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान पर कीर स्टार्मर की शुरुआती प्रतिक्रिया सही नहीं थी. उन्होंने कहा, "हमें इजरायल की सरकार पर और ज्यादा दबाव डालना होगा. हां, हमने कुछ जरूरी कदम उठाए हैं, लेकिन सच यह है कि सीजफायर की मांग करने में ब्रिटेन ने बहुत देर कर दी. अब हमें अपनी नीति को और मजबूत करना होगा."
यह भी पढ़ें: 'किंग ऑफ द नॉर्थ'... कौन हैं एंडी बर्नहम, जो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं