- PAK रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि USA ने पाकिस्तान का उपयोग टॉयलेट पेपर से भी बदतर तरीके से किया.
- आसिफ ने स्वीकारा कि PAK ने अफगानिस्तान में US द्वारा थोपे गए जिहाद में हिस्सा लिया, जो कि सबसे बड़ी गलती थी.
- पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को खुश करने के लिए अपने हितों की बलि देकर खुद को किराये पर दिया था.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में एक चौंकाने वाला और अब तक का सबसे तीखा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका ने पाकिस्तान का उपयोग टॉयलेट पेपर से भी बदतर तरीके से किया और फिर उसे फेंक दिया. आसिफ के इस बयान ने पाकिस्तान की दशकों पुरानी विदेश और सुरक्षा नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
'अफगानिस्तान में हमने अमेरिका का ‘मेड इन अमेरिका जिहाद' लड़ा'
संसद में बोलते हुए आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में धार्मिक युद्ध नहीं, बल्कि अमेरिका द्वारा थोपे गए जिहाद में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में अफगान युद्ध को धार्मिक रंग देना पाकिस्तान की सबसे बड़ी गलती थी.
आसिफ के मुताबिक पाकिस्तानियों को गुमराह कर जिहाद के नाम पर लड़ने भेजा गया. यह जंग असल में अमेरिकी हितों का हिस्सा थी. शिक्षा प्रणाली तक को युद्ध को वैध ठहराने के लिए बदला गया. इन विचारधारात्मक जख्मों के निशान आज भी समाज में मौजूद हैं.
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'दूसरों के युद्ध में कूदा पाकिस्तान'
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने ऐसे युद्धों में खुद को झोंक दिया जो उसके अपने नहीं थे और इसका नुकसान आज तक झेल रहा है.
'9/11 के बाद पाकिस्तान अमेरिका को किराये पर उपलब्ध था'
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 9/11 के बाद पाकिस्तान 'आसानी से किराये पर उपलब्ध देश' बन गया, और अमेरिका को खुश करने के लिए अपने ही हितों की बलि देता रहा. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान ने US को वैधता देने के लिए खुद को इस्तेमाल होने दिया.
दो पूर्व सैन्य शासक- ज़ियाउल हक़ और परवेज़ मुशर्रफ ने देश को बाहरी युद्धों में झोंक दिया. इन फैसलों ने पाकिस्तान की सुरक्षा, समाज और अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचाया.
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ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान को इस्तेमाल किया और फिर फेंक दिया. जिस तरह से हमें टॉयलेट पेपर से भी बदतर समझा गया, वह हमारी सबसे बड़ी विफलता है.
'हमारी हानि की भरपाई कभी नहीं हो सकती'
आसिफ ने कहा कि 2001 के बाद पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ अमेरिका के साथ खड़े होकर ऐसे जाल में फंस गया जिसकी कीमत आज तक चुकानी पड़ रही है. उन्होंने कहा, पाकिस्तान हिंसा, कट्टरता और आर्थिक संकट में घिर गया. अमेरिका अपने हित साधकर चला गया. पाकिस्तान अकेला रह गया और भारी कीमत चुकानी पड़ी. आसिफ ने इसे पाकिस्तान के इतिहास की सबसे विनाशकारी रणनीतिक भूल बताया.
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