- मैजेंटा लाइन दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बनकर लगभग 89 किलोमीटर लंबी होगी और ड्राइवरलेस तकनीक पर चलेगी
- इस लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 स्टेशन भूमिगत होंगे
- परियोजना पूरी होने पर मैजेंटा लाइन पर 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जिनमें से 17 नए इंटरचेंज स्टेशन शामिल होंगे
मैजेंटा लाइन (लाइन-8) दिल्ली मेट्रो की आने वाले समय में शहर की सबसे लंबी मेट्रो लाइन बन जाएगी. यह लाइन सबसे ज्यादा इंटरचेंज और सबसे ज्यादा भूमिगत स्टेशनों वाली कॉरिडोर होगी. इससे दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा और आसान हो जाएगी. फेज-IV और फेज-V (A) के तहत इस लाइन का विस्तार किया जा रहा है. एक्सटेंशन के बाद मैजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक चलेगी और इसकी कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर होगी. पूरी तरह चालू होने पर यह लाइन ड्राइवरलेस (बिना चालक) मेट्रो कॉरिडोर के रूप में काम करेगी.

21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे
परियोजना पूरी होने के बाद इस लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे. अभी इस लाइन पर कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास जैसे 4 इंटरचेंज स्टेशन हैं. विस्तार के बाद 17 और इंटरचेंज स्टेशन जुड़ेंगे. इनमें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जहां से तीन अलग-अलग लाइनों में बदलाव किया जा सकेगा.

40 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे
पूरी मैजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 स्टेशन भूमिगत होंगे. इस लाइन के शुरू होने से यात्रा का समय कम होगा, ट्रैफिक का दबाव घटेगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी. मैजेंटा लाइन इंजीनियरिंग की उपलब्धियों के लिए भी जानी जाती है. हैदरपुर बादली मोड़ स्टेशन दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है (लगभग 28.36 मीटर), जबकि हौज खास स्टेशन सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन है (लगभग 29 मीटर). यह इस परियोजना की उन्नत तकनीक और जटिल इंजीनियरिंग को दर्शाता है.
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