अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए चीन स्थित एक प्रमुख क्रूड ऑयल टर्मिनल ऑपरेटर पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. वॉशिंगटन ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के राजस्व के स्रोतों को पूरी तरह रोक देना चाहता है. अमेरिका ने सख्त चेतावनी भी जारी की है कि अगर किसी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए तेहरान को 'टोल' दिया, तो उसे भी इन्हीं गंभीर परिणामों का सामना करना होगा.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका ईरान के अवैध तेल व्यापार को ध्वस्त करने के लिए निर्णायक कदम उठा रहा है. उन्होंने बताया कि विभाग ने उन कई संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं.
चीन के 'डार्क फ्लीट' पर लगाम की तैयारी
अमेरिका ने किंगदाओ हाये कंपनी के साथ-साथ उसके अध्यक्ष जिंगचुन ली पर भी व्यक्तिगत रूप से प्रतिबंध लगा दिए हैं. इसके अलावा, ईरान के तेल को छिपाकर ढोने वाले 'डार्क फ्लीट' (गुप्त बेड़े) पर लगाम कसने के लिए ब्रिटेन की 'थ्राइविंग टाइम्स इंटरनेशनल' और हांगकांग की 'ऑनबोर्ड शिप मैनेजमेंट लिमिटेड' को भी ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया है. ये कंपनियां जहाजों का प्रबंधन करती हैं और ईरानी निर्यात सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभाती रही हैं.
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इन कंपनियों द्वारा प्रबंधित जहाज अक्सर 'धोखाधड़ी वाली शिपिंग प्रथाओं' और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहते हैं. ये जहाज समुद्र में अन्य व्यापारिक जहाजों और व्यापार प्रवाह के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं. अमेरिका की इस कार्रवाई का मकसद ईरान के उस गुप्त परिवहन नेटवर्क को तोड़ना है, जिसकी मदद से वह वैश्विक प्रतिबंधों के बावजूद अपना तेल बेचता रहा है.
यह भी पढ़ें: होर्मुज पर नरम पड़ा ईरान? अमेरिका को भेजा 14 प्वाइंट का नया पीस प्लान; इसमें पहले से अलग क्या है?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं