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This Article is From Apr 10, 2011

यमन में हालात खराब, अल जजीरा का दफ्तर सील

सना: यमन की राजधानी सना और तेज शहर में पिछले 30 वर्ष से सत्ता पर काबिज राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सलेह के इस्तीफे की मांग कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों की कार्रवाई से घायल हो गए। वहीं सुरक्षा अधिकारियों ने देश में गड़बड़ी फैलाने में मदद करने के आरोप में उपग्रह टेलीविजन चैनल अल जजीरा का एक कार्यालय सील करके उसका परमिट रद्द कर दिया है। समाचार वेबसाइट 'अल जजीरा डॉट नेट' मुताबिक सना में शनिवार शाम को पुलिस ने प्रदर्शकनकारियों पर लाट्ठी भांजी और आंसू गैस के गोले दागे। साथ में गोलीबारी भी की। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों ने बताया, "पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 200 लोग घायल हुए हैं। इनमें 15 प्रदर्शनकारियों को गोलियां लगी हैं।" सूत्रों ने बताया, "तीन से घंटे से ज्यादा समय तक लगातार आंसू गैस के गोले दागे जाने और गोलियों की आवाज सुनी गईं। सुरक्षाकर्मियों को छतों पर से प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करते हुए देखा गया।" रिपोर्ट के मुताबिक सड़कों पर आंसू गैस के खाली गोले और रॉकेट पड़े हुए हैं। राजधानी सना में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच अभी भी हिंसक झड़प जारी है। तेज शहर में भी 100,000 सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस-सुरक्षाबलों ने कार्रवाई करते हुए गोलीबारी की और आंसू गैस के गोले दागे। सूत्रों ने बताया, "तेज में 500 लोगों के जख्मी होने की जानकारी मिली है जिनमें 40 को गोलियां लगी हुई हैं। इनमें पांच की हालत बेहद नाजुक  है।" उधर, सना में सुरक्षा अधिकारियों ने देश में गड़बड़ी फैलाने में मदद करने के आरोप में उपग्रह टेलीविजन चैनल अल जजीरा का एक कार्यालय सील करके उसका परमिट रद्द कर दिया है। सूचना मंत्रालय के अधिकारियों ने शनिवार को कहा, "कुछ मीडिया संगठनों के लगातार और प्रबल रूप से यमन के आंतरिक मामलों में दखल को देखते हुए सुरक्षा अधिकारियों ने दोहा स्थित अल जजीरा टीवी चैनल के सना में स्थित कार्यालय को सील करने और परमिट रद्द करने का निर्णय लिया है।" अधिकारी ने कहा, "अल जजीरा टेलीविजन चैनल पर यह कार्रवाई इसके द्वारा लगातार विध्वंसकारी योजनाएं बनाने और देश में गड़बड़ी फैलाने में मदद करने के मामलों के बाद की गई है। इन कोशिशों का उद्देश्य यमन के प्रांतों में सरकार के खिलाफ घृणा फैलाकर संघर्ष भड़काना है।" गौरतलब है कि ट्यूनीशिया और मिस्र में जन आंदोलनों के बाद यमन में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक 120 लोग मारे जा चुके हैं और 5,000 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 1978 से सत्ता में बने राष्ट्रपति सलेह ने यमन में 18 मार्च को आपातकाल लागू कर दिया था।

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