अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने वहां के हरेक सरकारी कर्मचारियों की रोज की आम जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. तालिबान के हेड और देश के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा के आदेश के बाद सरकारी कर्मचारियों को अपने स्मार्टफोन बंद करने पड़ रहे हैं. कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे स्मार्टफोन इस्तेमाल करते पकड़े गए तो नौकरी जा सकती है, कानूनी कार्रवाई हो सकती है, और कुछ इलाकों में तो जेल की सजा की भी बात कही गई है. इस फैसले से शिक्षकों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनका काफी काम व्हाट्सऐप, ईमेल और AI टूल्स के जरिए होता था.
तालिबानी फैसला
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी कर्मचारियों ने अपने स्मार्टफोन बंद करना शुरू कर दिया है. उन्होंने बताया कि यह आदेश बुधवार को लागू किया गया. सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए स्मार्टफोन पर बैन की घोषणा करने वाला तालिबानी ऑर्डर पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा था. इस लेटर पर अफगानिस्तान के सुप्रीम कोर्ट का प्रतीक चिन्ह था.
इस फैसले ने वहां के कर्मचारियों की परेशानी बढ़ा दी है. रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के दूरदराज में बसे बदख्शान में प्रांतीय सूचना विभाग के एक कर्मचारी ने कहा कि नियम तोड़ने पर छह महीने की जेल की सजा हो सकती है. बदख्शान के तीन सरकारी कर्मचारियों ने एएफपी से अपना नाम बताए बिना कहा कि इससे उनके लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा.
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