वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी कमांडो जनवरी में राजधानी कराकास से उठाकर न्यूयॉर्क ले गए थे. अब उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है. हैरानी की बात ये है कि मादुरो के मुकदमे की सुनवाई जिस जज को सौंपी गई है, उनकी उम्र 92 साल है. जस्टिस एल्विन हेलेरस्टीन (Alvin Hellerstein) के नाम कई बड़े मुकदमों का रिकॉर्ड दर्ज है, हालांकि बढ़ती उम्र के बीच इस हाई प्रोफाइल केस की सुनवाई सौंपे जाने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.
बढ़ती उम्र को लेकर उठ रहे सवाल
1933 में जन्मे एल्विन हेलेरस्टीन अमेरिका के सबसे उम्रदराज जजों में से एक हैं. न्यूयॉर्क की पूर्व फेडरल जज शीरा शेंडलिन ने AFP से बातचीत में कहा कि जस्टिस हेलेरस्टीन की उम्र के पहलू को अनदेखा नहीं किया जा सकता. मादुरो का केस अगले एक या दो साल तक खिंच सकता है, तब तक हेलेरस्टीन 93 या 94 साल के हो जाएंगे. मुझे उनकी काबिलियत पर शक नहीं है, लेकिन यह मुकदमा एकाध दिन में शुरू होने वाला नहीं है.
पिछले साल भरी अदालत में सो गए थे
जस्टिस हेलेरस्टीन को लेकर एक चौंकाने वाली घटना का जिक्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने किया है. पिछले साल जस्टिस हेलेरस्टीन की कोर्ट में एक मुकदमे की सुनवाई चल रही थी. बीच सुनवाई में ही वह सो गए थे. झपकी लेते हेलेरस्टीन को उनके साथी जजों ने जगाया था.
कौन हैं जस्टिस हेलेरस्टीन?
- एल्विन हेलेरस्टीन अमेरिका के सबसे उम्रदराज जजों में से एक हैं.
- हेलेरस्टीन का जन्म साल 1933 में हुआ था.
- उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल से ग्रेजुएशन किया है.
- 1957 से 1960 तक यूएस आर्मी में वकील के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं.
- उसके बाद उन्होंने कोर्ट में प्राइवेट प्रैक्टिस शुरू की थी.
- 1998 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें न्यूयॉर्क के साउथ डिस्ट्रिक्ट का जिला जज बनाया था.
9/11 से जुड़ा केस भी सुना था
जस्टिस हेलेरस्टीन ने अपने करियर में कई बड़े मुकदमों की सुनवाई की है. उन्होंने 2001 में अल कायदा के अमेरिका में 9/11 अटैक से जुड़े सिविल केसों की भी निगरानी की थी. उन्हें साफगोई पसंद जज माना जाता है.
कैदियों से दुर्व्यवहार पर अहम आदेश
जस्टिल हेलेरस्टीन के खाते में 2015 का वह ऐतिहासिक मुकदमा भी है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सरकार को इराक और अफगानिस्तान में कैदियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की तस्वीरें जारी करने का अहम आदेश दिया था.
मादुरो से जुड़े ड्रग तस्करी केस के जज
जज हेलेरस्टीन करीब एक दशक से मादुरो से जुड़े ड्रग तस्करी के बड़े मामले को देख रहे हैं. इस मामले में वेनेजुएला के पूर्व इंटेलिजेंस चीफ ह्यूगो अरमांडो कार्वाजल को सजा सुनाई जा चुकी है.
पिछले साल उन्होंने फ्रांसीसी बैंक बीएनपी पारिबा के ऊपर सूडान के पूर्व तानाशाह उमर अल-बशीर की मदद करने का दोषी मानते हुए 20.75 मिलियन डॉलर से ज्यादा का भारी भरकम जुर्माना लगाया था.
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