विज्ञापन

खार्ग द्वीप पर कब्जा करेंगे ट्रंप? ईरान में हफ्तों तक ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा अमेरिका

US-Israel and Iran War: ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने एक और जंगी जहाज मिडिल ईस्ट भेज दिया है. इसमें 3,500 मरीन सैनिक तैनात हैं. ये पिछले 20 सालों में मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती है.

खार्ग द्वीप पर कब्जा करेंगे ट्रंप? ईरान में हफ्तों तक ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा अमेरिका
  • अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में यूएसएस त्रिपोली पर सवार तीन हजार पांच सौ मरीन और नाविक तैनात किए हैं
  • यह पिछले बीस वर्षों में मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती मानी जा रही है
  • यूएसएस त्रिपोली पर ट्रांसपोर्ट, स्ट्राइकर फाइटर विमान तथा एम्फीबियस असॉल्ट उपकरण मौजूद हैं

अमेरिका-इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को जो ईरान पर हमला बोला था, उसे एक महीना हो गया है. एक महीने की लड़ाई के बाद अब और खतरनाक मोड़ पर जाती दिख रही है. इस बीच यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि यूएसएस त्रिपोल पर सवार 3,500 मरीन और नाविक शनिवार को मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं. यह पिछले 20 सालों में मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती है.

सेंटकॉम ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'यूएसएस त्रिपोली (LHA 7) पर सवार नाविक और मरीन 27 मार्च को पहुंच गए हैं.' सेंटकॉम की ओर से पोस्ट की गई तस्वीरों में सैनिक कॉम्बैट यूनिफॉर्म पहने हुए, हेलमेट और गॉगल्स लगाए हुए दिखाई दे रहे हैं. ये मरीन मिडिल ईस्ट में पहले से तैनात 50 हजार सैनिकों की टुकड़ी में शामिल हो गए हैं.

यूएसएस त्रिपोली पर ट्रांसपोर्ट और स्ट्राइकर फाइटर विमानों के साथ-साथ एम्फीबियस असॉल्ट और टैक्टिकल साजो-सामान भी मौजूद हैं. इसके साथ ही मरीन सैनिक भी इस पर सवार हैं. इस असॉल्ट शिप पर मौजूद सैनिक जापान में तैनात थे. वे ताइवान के आसपास के इलाके में अभ्यास कर रहे थे. दो हफ्ते पहले उन्हें मिडिल ईस्ट में तैनात होने का आदेश मिला. त्रिपोली के अलावा यूएसएस बॉक्सर और दो अन्य जहाजों को भी एक और मरीन यूनिट के साथ सैन डिएगो से मिडिल ईस्ट जाने का आदेश दिया गया है.

यह भी पढ़ेंः ईरान की केवल एक तिहाई मिसाइलें तबाह कर पाया अमेरिका!

क्या ईरान में होगा ग्राउंड ऑपरेशन?

मिडिल ईस्ट में जिस तरह से अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है, उससे लग रहा है कि अमेरिका ईरान के अंदर ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. मिडिल ईस्ट में सैनिकों की तैनाती ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि वह ईरान के शांति वार्ता में लगे हैं, ताकि संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके.

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, इन अतिरिक्त सैनिकों को भेजने का मकसद यह है कि ट्रंप मिडिल ईस्ट में अपने सारे विकल्पों को खुला रखना चाहते हैं. 

वहीं, द वॉशिंगटन पोस्ट ने कुछ अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिका, ईरान में हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. अधिकारियों ने बताया कि यह संभावित ग्राउंड ऑपरेशन पूरी तरह से हमला नहीं होगा. इसमें स्पेशल फोर्स ईरान के भीतर घुस सकती है. हालांकि, अभी साफ नहीं है कि ट्रंप पेंटागन के इस प्लान को मंजूरी देते हैं या नहीं.

ट्रंप लगातार कहते आ रहे हैं कि उनका ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने का कोई इरादा नहीं है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ये अतिरिक्त सैनिक कहां तैनात किए जाएंगे. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात की सबसे ज्यादा संभावना है कि इन सैनिकों को ऐसी जगह तैनात किया जा सकता है, जहां से खार्ग द्वीप पर हमला किया जा सके.

यह भी पढ़ेंः होर्मुज से हाहाकार, 'बाब अल-मंदेब' स्ट्रेट बंद हुआ तो क्या होगा? समझें- ईरान का गेमप्लान

लेखक के बारे में
img
प्रियंक द्विवेदी
चीफ सब एडिटर
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
US Israel Attack Iran, America Israel And Iran War, Iran War, Middle East, Donald Trump
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com