- इस हादसे में 10 भिक्षुओं की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हैं और 3 की हालत गंभीर बनी हुई है.
- प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चा बिना अनुमति माता-पिता की गाड़ी लेकर निकला था.
- थाईलैंड में 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर कोई आपराधिक जिम्मेदारी नहीं होती.
थाईलैंड के मुकदाहान प्रांत में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया. यहां 11 साल के एक बच्चे द्वारा चलाई जा रही पिकअप ट्रक बौद्ध भिक्षुओं के एक धार्मिक जुलूस में घुस गई. इस हादसे में 10 भिक्षुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इनमें से तीन की हालत अब भी बेहद नाजुक बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के वक्त 35 बौद्ध भिक्षु और पांच श्रद्धालु धार्मिक पदयात्रा पर निकले हुए थे. वे सड़क के किनारे चलते हुए अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सीधे उनके बीच जा घुसी.
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सड़क किनारे भिक्षुओं के भगवा वस्त्र, उनके सामान और क्षतिग्रस्त पिकअप ट्रक दिखाई दे रहे हैं. हादसा इतना भीषण था कि पांच भिक्षुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
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— suaradotcom (@suaradotcom) July 3, 2026
Bocah 11 Tahun Tabrak Rombongan Biksu di Thailand, Delapan Tewas
Tragedi maut terjadi di Provinsi Mukdahan, Thailand timur laut, Kamis (2/7/2026). Seorang bocah laki-laki berusia 11 tahun diduga mengemudikan truk pikap milik keluarganya dan menabrak rombongan…
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस जांच में सामने आया है कि 11 साल का बच्चा बिना किसी की अनुमति के अपने माता-पिता की पिकअप ट्रक लेकर घर से निकल गया था. कुछ ही देर बाद उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया और धार्मिक जुलूस में जा घुसा. जब बच्चे के अभिभावकों को घर से वाहन गायब मिला तो उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी.
मुकदाहान सिटी पुलिस के प्रमुख प्रयुत रुआनथोंगकम ने एएफपी को बताया कि 11 साल का यह बच्चा पुलिस को अपना बयान देने में असमर्थ है.
उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्चा स्पेशल चाइल्ड (ये बच्चे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक क्षमताओं में सामान्य बच्चों से भिन्न होते हैं) हो सकता है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और डॉक्टरों की टीम उसकी स्वास्थ्य स्थिति का भी आकलन कर रही है.
उन्होंने बताया कि बच्चे के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर जांच पूरी होने के बाद फैसला लिया जाएगा. हालांकि थाईलैंड में 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर कोई आपराधिक जिम्मेदारी नहीं होती.
सिटी पुलिस प्रमुख प्रयुत ने कहा कि पुलिस जांच के तहत इस हादसे में बचे हुए भिक्षुओं से भी गवाही ले रही है. फिलहाल वाहन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है.

Photo Credit: AFP
प्रत्यक्षदर्शी भिक्षु ने बताया खौफनाक मंजर
हादसे में बच गए भिक्षु फ्रा सोमपोंग ने बताया कि वे चलते समय ध्यान मंत्र बुद्धो, बुद्धो का जाप कर रहे थे.
उन्होंने बताया, "मैंने देखा कि एक बच्चा पिकअप चला रहा था. अचानक वाहन तेज रफ्तार से हमारी तरफ आया और हमें टक्कर मार दी. मैं और एक अन्य भिक्षु समय रहते कूद गए, इसलिए बच गए. लेकिन हमारे पीछे चल रहे कई भिक्षु हवा में उछल गए."
घायलों की संख्या अधिक होने के कारण मुकदाहान अस्पताल ने लोगों से तत्काल रक्तदान करने की अपील की है.
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, "3 भिक्षुओं की हालत बेहद गंभीर है. कम से कम 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. कई अन्य का इलाज सामान्य चोटों के लिए किया जा रहा है."

Photo Credit: AFP
थाईलैंड में क्यों खास हैं बौद्ध भिक्षु?
थाईलैंड एक बौद्ध बहुल देश है, जहां भिक्षुओं का बहुत सम्मान किया जाता है. वो बुद्ध की शिक्षाओं, उपदेशों को संभालकर आगे बढ़ाने काम करते हैं.
वे अक्सर पब्लिक जुलूस निकालते हैं और आम थाई लोगों से सद्भावना के तौर पर भीख लेते हुए देखे जाते हैं.
धार्मिक पदयात्राएं और सार्वजनिक जुलूस वहां आम बात हैं. इस दौरान लोग श्रद्धा से भिक्षुओं को भोजन और अन्य जरूरी सामान दान करते हैं.
मुकदाहान प्रांत के गवर्नर वोरायन बुन्नारात ने कहा कि यह हादसा केवल उनके प्रांत ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है.
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन माता-पिता की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है ताकि बच्चे बिना अनुमति वाहन न चला सकें.
उन्होंने कहा, "ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए समाज और परिवार दोनों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी."
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