Aloka Dog Viral Video: संयुक्त राज्य अमेरिका में बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह 'वॉक फॉर पीस' यानी शांति पदयात्रा पर निकला है. यह यात्रा जॉर्जिया समेत कई राज्यों से होकर गुजर रही है. इस पदयात्रा की सबसे खास बात है एक शांत स्वभाव की फीमेल डॉग...'अलोका'. माथे पर दिल के आकार का निशान लिए 'अलोका' भिक्षुओं के साथ खामोशी से चलती है, मानो ध्यान में लीन हो. लोग उसे प्यार से 'शांति का डॉग' (Peace Dog) कहने लगे हैं. भारत की ये फीमेल डॉग आज अमेरिका की सड़कों पर बौद्ध भिक्षुओं के साथ चल रही है और सोशल मीडिया पर लोग इसे आस्था, सुकून और इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं.
भारत की गलियों से शुरू हुई वफादारी की कहानी (Buddhist Monks Walk for Peace)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'अलोका' की कहानी भारत में शुरू हुई थी. वह एक आवारा डॉग थी, जब एक शांति यात्रा के दौरान बौद्ध भिक्षुओं से उसका सामना हुआ. 'अलोका' ने करीब 100 दिनों तक भारत में उनके साथ पदयात्रा की. न उसने साथ छोड़ा, न रास्ता बदला. यही वफादारी उसे इस यात्रा का स्थायी हिस्सा बना गई.
3700 किलोमीटर की यात्रा और सोशल मीडिया की मोहब्बत (monks peace walking dogs)
भारत के बाद 'अलोका' अमेरिका पहुंची, जहां अक्टूबर से शुरू हुई यह यात्रा 10 राज्यों में 110 दिनों तक चल रही है और वॉशिंगटन डीसी में समाप्त होगी. 'अलोका' का अपना इंस्टाग्राम अकाउंट है, जहां उसके 1.5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. हरे कोट में धुंध के बीच चलते उसके वीडियो लोगों को सुकून दे रहे हैं.
'Noble Guardian' और इंसानियत का पैगाम (Noble Guardian and Message of Compassion)
सोशल मीडिया पर लोग 'अलोका' को 'Noble Guardian', 'Goodwill Ambassador' और करुणा का प्रतीक बता रहे हैं. किसी ने लिखा कि उसकी मौजूदगी मन को सुकून देती है, तो किसी ने कहा...यह कहानी इंसान और जानवर के रिश्ते को नई परिभाषा देती है.

'अलोका' की कहानी सिर्फ वायरल वीडियो नहीं, बल्कि यह बताती है कि शांति, आस्था और वफादारी भाषा या सरहद की मोहताज नहीं होती.
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