- नैनीताल में पर्यटन सीजन के दौरान ईंधन की बढ़ी मांग को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की राशनिंग लागू की गई है
- दोपहिया वाहनों को अधिकतम पांच सौ रुपये और चार पहिया वाहनों को अधिकतम एक हजार रुपये का ईंधन दिया जा रहा है
- अचानक बढ़ी खपत को नियंत्रित करने के लिए यह अस्थायी प्रबंधन कदम उठाया गया है
Petrol diesel Crisis in Uttrakhand: पहाड़ों की रानी नैनीताल में इन दिनों पर्यटन सीजन अपने चरम पर है. देश के कोने-कोने से सैलानी सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने यहां पहुंच रहे हैं. पर्यटकों की इस भारी आमद के बीच शहर में ईंधन की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की राशनिंग शुरू कर दी है. यानी अब नैनीताल के पेट्रोल पंपों पर दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पेट्रोल-डीजल की एक सीमित मात्रा (लिमिट) तय कर दी गई है.
इस नई व्यवस्था के तहत अब दो पहिया वाहनों को अधिकतम 500 रुपये और चार पहिया वाहनों को अधिकतम 1000 रुपये का ही पेट्रोल या डीजल दिया जा रहा है. दरअसल, सैलानियों की बढ़ती तादाद की वजह से नैनीताल के सूखाताल स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के पेट्रोल पंप पर ईंधन की खपत अचानक काफी बढ़ गई है. पर्यटन सीजन के दौरान किसी भी तरह की किल्लत या अव्यवस्था से बचने के लिए निगम ने यह फैसला लिया है. हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि शहर में ईंधन की कोई कमी नहीं है, बल्कि यह कदम केवल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है.
जनता और चालकों को नहीं हो रही परेशानी
ईंधन की सीमा तय होने के बावजूद राहत की बात यह है कि स्थानीय जनता और चालकों को इससे कोई खास परेशानी नहीं आ रही है. स्थानीय लोगों का मानना है कि रोजमर्रा के कामकाज के लिए 500 और 1000 रुपये का तेल पर्याप्त है. वहीं, पर्यटकों को लेकर लंबी दूरी तय करने वाले टैक्सी चालकों का कहना है कि शहर से बाहर निकलने पर अन्य रूटों के पंपों से आसानी से जरूरत के मुताबिक पेट्रोल-डीजल मिल जाता है, इसलिए सफर में कोई बाधा नहीं आ रही है. स्थानीय चालक दीपक ने बताया कि शहर के भीतर चलने के लिए यह लिमिट काफी है. अगर हमें पर्यटकों को लेकर किसी लंबे टूर या नैनीताल से बाहर जाना होता है, तो रास्ते में पड़ने वाले दूसरे पंपों से तेल मिल जाता है. इसलिए काम पर कोई असर नहीं पड़ा है.
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कुमाऊं मंडल विकास निगम इस फैसले को पूरी तरह से एक सुरक्षात्मक और अस्थायी कदम बता रहा है. निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह नियम केवल भीड़ को नियंत्रित करने और मांग और आपूर्ति का संतुलन बनाए रखने के लिए है. प्रबंध निदेशक (KMVN) विनीत तोमर ने बताया कि पंप पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह पर्याप्त है, ईंधन की कोई कमी नहीं है. पर्यटकों की भारी भीड़ और अचानक बढ़ी डिमांड को देखते हुए यह एक अस्थायी व्यवस्था की गई है, ताकि हर वाहन को जरूरत के मुताबिक तेल मिल सके और व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे.
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