- उत्तराखंड के टिहरी से खौफनाक वीडियो आया सामने
- भूस्खलन की चपेट में आने से ढहा मकान
- क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने की दी गई सलाह
बारिश के साथ पहाड़ों पर खतरा बढ़ना शुरू हो गया है. उत्तराखंउ के टिहरी में नेशनल हाईवे 707A पर स्थित कद्दूखाल में दुकानों के पास भूस्खलन (स्लाइड) हो गया. भूस्खलन की चपेट में आने से एक पुराना खाली भवन क्षतिग्रस्त हो गया. गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई. घर के गिरने का वीडियो भी सामने आया है.
प्रशासन के अनुसार, घटना से पहले ही खतरे की जद में आ रहे दो रेस्टोरेंट, कुछ खोखे और मजदूरों की झुग्गियों को एहतियातन खाली करा दिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. जानकारी के अनुसार, यह घटना एक व्यक्ति द्वारा होटल निर्माण के लिए कराई जा रही खुदाई के कारण हुई है. प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी है. घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं और क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
#Tehri: कद्दूखाल में लैंडस्लाइड का वीडियो कैमरे में कैद
— NDTV India (@ndtvindia) July 9, 2026
प्रशासन के अनुसार, घटना से पहले ही खतरे की जद में आ रहे दो रेस्टोरेंट, कुछ खोखे और मजदूरों की झुग्गियों को एहतियातन खाली करा दिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई.#Landslide #Monsoon pic.twitter.com/BtCx4K49hW
अधिकारियों ने दिए ये जरूरी निर्देश
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को राज्य के सभी बड़े बांधों और बैराजों को निर्देश दिया कि वे हर दिन सुबह 8 बजे और रात 8 बजे जलाशय के जल स्तर, पानी के आने (इनफ्लो), बाहर जाने (आउटफ्लो) और डिस्चार्ज के बारे में अपडेटेड जानकारी उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के साथ अनिवार्य रूप से साझा करें.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) में विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग के दौरान ये निर्देश जारी किए गए. उन्होंने संबंधित विभागों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के अधिकारियों को मॉनसून के मौसम में तालमेल और मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करने का निर्देश दिया. सुमन ने निर्देश दिया कि जब भी किसी बांध या बैराज से पानी छोड़ने का प्रस्ताव हो, तो इसकी जानकारी पहले ही स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर और संबंधित जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए.
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