बदरीनाथ धाम: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित चोरी और हेराफेरी के मामले की जांच कर रही बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) की चार सदस्यीय समिति ने जांच तेज कर दी है. समिति के सदस्य पिछले दो दिनों से बदरीनाथ धाम में मौजूद रहकर विभिन्न पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं. जांच दल के सदस्यों ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि प्रारंभिक निष्कर्ष पहले ही समिति प्रशासन को सौंपे जा चुके हैं, जिसके आधार पर आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया और उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया.
थाली भेंट प्रक्रिया की CCTV रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही
जांच समिति के अनुसार, विशेष रूप से "थाली भेंट" प्रक्रिया के दौरान की रिकॉर्डिंग का परीक्षण किया जा रहा है. इसके लिए काउंटिंग स्थल पर लगे तीन CCTV कैमरों की फुटेज देखी जा रही है. समिति के सदस्य सुबह करीब 7:30 बजे से 11:30 बजे तक की रिकॉर्डिंग और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया का विश्लेषण कर रहे हैं.
कर्मचारियों के बयान भी होंगे शामिल
समिति ने बताया कि घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. आरोपों के घेरे में आए कर्मचारी को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है. जांच दल का कहना है कि उद्देश्य सिर्फ जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि बदरीनाथ धाम की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास पूरी तरह कायम रहे. समिति ने कहा कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत एवं पारदर्शी रिपोर्ट जल्द सौंप दी जाएगी.
आस्था से जुड़े मामले में सख्त कार्रवाई
जांच टीम का कहना है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है इसलिए मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है. समिति को जो निर्देश मिले हैं उसी आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है. प्रारंभिक स्तर पर निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया है और उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
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