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बदरीनाथ चढ़ावा घोटाला: आरोपी कर्मचारी निलंबित, सीएम धामी ने भी बैठाई जांच

बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है. प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है जबकि सरकार और मंदिर समिति ने अलग-अलग जांच शुरू कर दी है.

बदरीनाथ चढ़ावा घोटाला: आरोपी कर्मचारी निलंबित, सीएम धामी ने भी बैठाई जांच
Badrinath Temple offering scam

Badrinath Dham News: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार दोनों सक्रिय हो गए हैं. करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तत्काल जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है.

मामले के सामने आने के बाद मंदिर परिसर में दान और चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था तथा उसकी निगरानी को लेकर भी कई सवाल उठे हैं. इसी कारण जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके.

चार सदस्यीय जांच टीम ने जुटाए सबूत

बीकेटीसी द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति मंगलवार को बदरीनाथ धाम पहुंची. टीम ने मंदिर के गणना कक्ष का निरीक्षण किया और चढ़ावे की गिनती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच की. इसके अलावा मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई.

जांच समिति ने मौके पर जुटाए गए तथ्यों के आधार पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मंदिर समिति के अधिकारियों को सौंप दी है. रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं को गंभीर मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

प्रारंभिक जांच के बाद प्रमोद नौटियाल निलंबित

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि शिकायत मिलते ही संबंधित कर्मचारी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल से स्पष्टीकरण मांगा गया था. जांच समिति ने उनके जवाब का परीक्षण किया और प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि कर्मचारी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संदेहास्पद पाया गया. इसी आधार पर जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित किया गया है. साथ ही उन्हें बीकेटीसी के ज्योर्तिमठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है.

सीसीटीवी फुटेज बनी जांच का आधार

मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज को सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है. बदरीनाथ मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. जांच टीम पुराने और नए दोनों प्रकार के कैमरों की रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच कर रही है.

अधिकारियों का मानना है कि फुटेज से न केवल मौजूदा आरोपों की सच्चाई सामने आएगी बल्कि यह भी पता चल सकेगा कि ऐसी गतिविधियां पहले से चल रही थीं या नहीं.

श्रद्धालुओं की आस्था से समझौता नहीं: बीकेटीसी

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान को चढ़ाए गए दान की पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. समिति भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है.

उन्होंने कहा कि यदि विस्तृत जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें.

सीएम धामी ने भी बनाई अलग जांच समिति

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने भी तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है. इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल आयुक्त करेंगे. समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है. सरकार ने समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं.

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