झीलों के शहर नैनीताल में अब हॉर्न बजाने पर जुर्माना देना होगा. नैनीताल में माल रोड पर तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक हॉर्न बजाने पर एक अगस्त से पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू हो गया है. इसके लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान भी शुरू किया है. अगर किसी ने प्रबंध क्षेत्र में हॉर्न बजाय तो उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की जाएगी. नैनीताल में देश-विदेश से साल भर पर्यटक घूमने आते हैं ऐसे में नैनीताल में पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो उसके लिए कई तरह के उपाय किए, लेकिन वही धीरे-धीरे नैनीताल में ज्यादा वाहनों के आने के कारण ध्वनि प्रदूषण से नैनीताल की पहचान खोने लग गई है.
लगाए गए हैं साइनबोर्ड
नैनीताल की पहचान रही माल रोड को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त करने के लिए एक अगस्त 2026 से इस पूरे क्षेत्र में हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. जगह-जगह साइन बोर्ड भी जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए हैं, जिन पर साफ लिखा गया है कि 1 अगस्त 2026 से नैनीताल की माल रोड से तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक हॉर्न बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. जिला प्रशासन के निर्देश पर लागू की गई व्यवस्था के अंतर्गत पुलिस के जवान पूरे रास्तों पर तैनात रहकर सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई वाहन चालक प्रबंध क्षेत्र में हॉर्न का प्रयोग ना करें.
कितना लगेगा जुर्माना
जिला प्रशासन की तरफ से 28 जुलाई को जारी जिलाधिकारी के आदेश से तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक 'नो हॉन्किंग' यानी 'हॉर्न फ्री' ज़ोन घोषित किया गया है. अगर कोई भी इसका उल्लंघन करता है तो उसे चालान देना होगा. इसके लिए 1000 रुपये का जुर्माना भरना होगा.
इससे पहले 21 जुलाई को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जनप्रतिनिधियों और विभागों की बैठक बुलाकर इसपर चर्चा करने के बाद जिलाधिकारी को निर्देश जारी हुए थे. जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित विभागों के साथ बैठक करके इसपर आदेश बनाया. पुलिस बल, RTO, नगर पालिका की गैर मौजूदगी में आदेशों का हल्का फुल्का पालन देखने को मिला. वाहन चालकों ने काफी हद तक हॉर्न न बजाकर ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण तो रखा लेकिन भूलवश, त्रुटिवश, जरूरत पड़ने पर या मस्ती करने के मूड से इसका अनुपालन नहीं हुआ. ट्रैफिक कम होने और नए नियम का मीडिया, सोशल मीडिया, पोस्टर और माइक रिकॉर्डिंग के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार होने से मॉलरोड में चौपहिया और दोपहिया शांति पूर्वक गुजरे.
स्थानीय लोगों ने कहा आदेश से खतरा पैदा हो गया है
हालांकि इस हॉर्न फ्री जोन बनने के बाद यहां के स्थानीय निवासी राजेन्द्र परगाई ने मॉलरोड को हॉर्न फ्री ज़ोन होने पर कहा कि वह लोग वाहनों के बगैर संकेत पहुंचने से टक्कर से डरे हुए हैं. रोड में चलते समय बच्चों और वृद्धों को खतरा पैदा हो गया है. उन्होंने ये भी कहा कि प्रशासन के फतवा जारी करने के बावजूद लोग हॉर्न बजा ही रहे हैं जिन्हें देखने वाला कोई नहीं है.
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