मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के उद्योगपतियों और निवेशकों के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की. राज्य सरकार द्वारा बुधवार को जारी बयान के मुताबिक, मंगलवार को हुई इस बैठक के दौरान सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ‘सिंगापुर सिटी' और उच्च प्रौद्योगिकी औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा.
बयान के मुताबिक, सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने लॉजिस्टिक, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा, शहरी नियोजन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश की इच्छा जताई है.
प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपनी ‘बीमारू' छवि से निकलकर देश के विकास के प्रमुख इंजन के रूप में उभरा है. उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रदेश की अर्थव्यवस्था, वार्षिक बजट और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर उत्पादन शुरू कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी में उनकी सिंगापुर यात्रा के दौरान लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी और सरकार निवेशकों को सुरक्षा, स्थिरता और त्वरित कार्यप्रणाली का भरोसा दे रही है.
उन्होंने बताया कि आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध है और 27 एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं और प्रदेश में देश के कुल मोबाइल उत्पादन का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों का 60 प्रतिशत निर्माण होता है.
‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब' के लिए क्या फैसला लिया गया?
बैठक के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 775 करोड़ रुपये के निवेश से ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब' स्थापित करने के लिए ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र दिया गया. इस परियोजना के लिए 50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है और इससे 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है.
इसके अलावा, एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल के साथ सोया और चना प्रोटीन के उत्पादन के लिए विनिर्माण इकाई स्थापित करने तथा ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ अपशिष्ट प्रसंस्करण परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया.
ब्लू प्लैनेट की प्रस्तावित परियोजनाओं में 250 से 350 करोड़ रुपये के निवेश से नोएडा में पुराने कचरे का उपचार और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन क्षमता वाला अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करना शामिल है.
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के अध्यक्ष मार्क ली ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और निवेश अनुकूल नीतियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिंगापुर की कंपनियों के लिए दीर्घकालिक कारोबारी साझेदारी की व्यापक संभावनाएं हैं.
बैठक में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद थे.
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