अयोध्या में श्रीराम लला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामजन्मभूमि को लेकर बिना सबूत आरोप लगाने वालों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक मंच पर उछालने के बजाय जांच एजेंसी को सौंपे, वरना ऐसे लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान उन्होंने अयोध्या के बदलते स्वरूप और पिछले वर्षों में हुए विकास का भी जिक्र किया.
दरअसल, सीएम योगी शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में श्रीराम लला का दर्शन-पूजन किया. इसके बाद वे मणिराम दास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए.
अयोध्या के विकास पर सीएम योगी का जोर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की अयोध्या और 10 साल पहले की अयोध्या में जमीन-आसमान का फर्क है. पहले यहां संकरी सड़कें, लटकते बिजली के तार और गंदगी का माहौल हुआ करता था. राम की पैड़ी सुनसान रहती थी और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं. आज अयोध्या एक व्यवस्थित और भव्य धार्मिक नगरी के रूप में विकसित हो चुकी है, जहां देश-विदेश से लोग श्रद्धा के साथ आते हैं.
श्रद्धालुओं के सम्मान में आया बदलाव
उन्होंने कहा कि पहले अगर कोई श्रद्धालु ‘जय श्रीराम' का नारा लगाता था तो उसे परेशानी झेलनी पड़ती थी. लेकिन अब अयोध्या के संतों और श्रद्धालुओं का सम्मान पूरे देश और दुनिया में बढ़ा है. यह बदलाव भगवान श्रीराम की कृपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है.
अयोध्या को बदनाम करने की साजिश पर हमला
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि जब भी देश आगे बढ़ता है, कुछ लोग साजिश करने लगते हैं. उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम को बदनाम करने और रामजन्मभूमि पर सवाल उठाने की कोशिशें फिर से शुरू हो गई हैं. ऐसे लोग अब रामभक्ति की बात कर रहे हैं, जबकि पहले उन्होंने इसके अस्तित्व पर ही सवाल उठाए थे.
उन्होंने कहा कि जो लोग कभी अयोध्या नहीं आए, आज वही खुद को बड़ा रामभक्त बता रहे हैं. जिनके शासनकाल में भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए और रामभक्तों पर लाठियां चलीं, वही लोग अब भक्त बनने का दिखावा कर रहे हैं. ऐसे दोहरे चरित्र वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है.
SIT जांच का जिक्र और सबूत देने की अपील
सीएम योगी ने बताया कि अगर कहीं कोई गड़बड़ी की आशंका होती है तो राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है. उन्होंने कहा कि 500 साल का इंतजार करने वाली पीढ़ियां 15 दिन का इंतजार भी कर सकती हैं. यदि किसी के पास कोई ठोस सबूत है, तो उसे जांच एजेंसी को देना चाहिए, न कि सार्वजनिक बयानबाजी करनी चाहिए.
झूठे आरोप लगाने वालों को चेतावनी
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना सबूत आरोप लगाने वाले लोगों को नोटिस दिया जाएगा और उन्हें अपने दावों को सिद्ध करना होगा. अगर वे ऐसा नहीं कर पाए, तो उनके खिलाफ मानहानि जैसी कानूनी कार्रवाई हो सकती है. हर व्यक्ति की एक मर्यादा होती है और उसका पालन जरूरी है.
कुंभ और सनातन पर टिप्पणी करने वालों पर निशाना
सीएम योगी ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो पहले कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों पर सवाल उठाते थे. उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में किसी तरह का भेदभाव नहीं है, जहां संत और सफाईकर्मी एक ही संगम में स्नान करते हैं. इसके बावजूद कुछ लोग गलत धारणाएं फैलाने का काम करते रहे हैं.
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