- उत्तर प्रदेश सरकार ने भदोही जिले का नाम बदलकर फिर से संत रविदास नगर करने का ऐलान किया है
- बसपा सुप्रीमो मायावती ने फिर से पुराना नाम रखने के लिए योगी सरकार का आभार जताया है
- मायावती ने कहा कि पूर्व में बसपा सरकार द्वारा रखे गए कई जिलों के नाम सपा सरकार ने बदल दिए थे
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने का ऐलान किया है. इस बात से मायावती काफी खुश हैं. उन्होंने इसके लिए योगी सरकार का आभार जताया है. भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर वापस से रखे जाने के ऐलान पर मायावती ने कहा कि बाकी भी जिन महापुरुषों के नाम पर शहरों के नाम बसपा की सरकार में रखे गए थे, जिनको बदल दिया गया था. बीजेपी सरकार वापस से उन्हें अपने पुराने स्वरूप में कर दें.
मायावती ने जाताया योगी सरकार का आभार
मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार अगर 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि से पहले अगर ये करती है तो बहुत अच्छा रहेगा. बसपा इसके लिए उनकी आभारी रहेगी. मायावती ने कहा कि जिन महापुरुषों के नाम पर जिलों और शहरों के नाम बीएसपी सरकार में रखे गए थे, उनको सपा सरकार ने बदल दिया था. बता दें कि भदोही का नाम पांचवीं बार बदलने जा रहा है.
1. जैसाकि मीडिया की ख़बरों से सर्वविदित है कि यूपी की वर्तमान सरकार ने, बी.एस.पी. सरकार द्वारा भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुये संत रविदास नगर के नाम से नया ज़िला बनाया था और जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत् बदल दिया था, इसे…
— Mayawati (@Mayawati) July 31, 2026
सपा ने कासगंज जिले का नाम भी बदला
इस दौरान मायावती ने कासगंज का नाम बदले जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार ने ब्रज क्षेत्र में कासगंज इलाके के विकास के लिए कासंगज को जिला मुख्यालय का दर्जा देते मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर नया जिला बनाया था.लेकिन सपा सरकार ने उसका नाम भी अपने पीडीए-पिछड़ा दलित और अक्लि़यत विरोधी रवैयों की वजह से बदल दिया था.
योगी सरकार से मायावती की मांग
बीएसपी चीफ ने कहा कि यूपी में जब-जब उनकी सरकार रही तो प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और जनहित को बेहतर बनाने के लिए अनेकों नए जिले, तहसील, विकास खंड और पुलिस जोन, रेंज आदि बनाए थे. उनमें से कई जिलों के नाम दलित और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) में समय-समय में जन्मे महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर रखे गए. इसी क्रम में संत रविदास नगर और छत्रपति शाहूजी महाराज नगर और भीम नगर नाम के नए जिले भी बनाए गए. लेकिन सपा सरकार ने सिर्फ अपनी जातिवादी सोच, द्वेष और संकीर्ण राजनीति के चलते इनके नाम बदल दिए. लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे. योगी सरकार इन नामों को फिर से बहाल कर दे.
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