- बरेली के फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का हार्ट अटैक से निधन हो गया था.
- वे पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक में शामिल थे और अचानक अस्वस्थ होकर अस्पताल ले जाए गए थे.
- PM मोदी और CM योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए संवेदनाएं प्रकट कीं.
बीजेपी के बरेली स्थित फरीदपुर से विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार को निधन हो गया. विधायक आज सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक में शामिल थे. इसी दौरान उनको अचानक हार्ट अटैक हो गया. उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
उनके सहयोगी ने बताया कि वे मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल हुए थे. वहीं, खाना खाने के दौरान असहज होने पर वे निकल आए. पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सर्किट हाउस में वर्ष 2026 में होने वाले विकास कार्यों की रूपरेखा बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई थी. उन्हें लेकर पीलीभीत रोड स्थित मेडिसिटी अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
CM योगी ने जताया शोक
उनके निधन की सूचना पर उनके समर्थकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई. विधायक श्याम बिहारी के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया है. उन्होंने कहा कि जनपद बरेली के फरीदपुर विधान सभा क्षेत्र से विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है. विनम्र श्रद्धांजलि. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.
PM मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, 'उत्तर प्रदेश के फरीदपुर के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. वे जनहित में समर्पित भाजपा के एक कर्मठ नेता थे, जिनके जाने से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है. शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति!.'
वनमंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि हम लोग एक बैठक में थे, जहां पर विधायक की तबीयत गड़बड़ हुई. इनको अस्पताल भी लाया गया, जहां इनकी मृत्यु हो गई. उन्होंने बताया कि उनके निधन से पार्टी को बहुत बड़ी क्षति पहुंची है. वह बहुत ही विद्वान व्यक्ति थे. रूखेल खंड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रहे. वह फरीदपुर सीट से लगातार दो बार से विधायक थे.
डॉ. श्याम बिहारी लाल के बारे में
बरेली की फरीदपुर विधानसभा सीट से विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का जीवन शैक्षिक और राजनीतिक उपलब्धियों का एक अनूठा संगम रहा. उनका जन्म 1 जनवरी 1966 को शाहजहांपुर जिले में हुआ था और नियति का क्रूर संयोग देखिए कि गुरुवार को परिवार के साथ अपना 60वां जन्मदिन मनाने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके राजनीतिक सफर की नींव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से पड़ी थी. लंबी वैचारिक सक्रियता के बाद, उन्होंने 2007 और 2012 में चुनावी मैदान में कदम रखा, लेकिन सफलता का स्वाद 2017 में मिला, जब वे फरीदपुर (आरक्षित) सीट से पहली बार विधायक चुने गए. उनकी लोकप्रियता और कर्मठता का ही परिणाम था कि 2022 में भी जनता ने उन्हें पुनः भारी मतों से विजयी बनाकर विधानसभा भेजा.
राजनीति के साथ-साथ डॉ. श्याम बिहारी लाल का शैक्षिक जगत में भी गहरा सम्मान था. वे महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. इतिहास और संस्कृति के प्रति उनके समर्पण के कारण ही वे पांचाल संग्रहालय के निदेशक और नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सम्मानित सदस्य भी रहे. एक कुशल शिक्षक और प्रखर राजनेता के रूप में उनकी पहचान सदैव अक्षुण्ण रहेगी. वे अपने पीछे पत्नी मंजू लता, एक पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो आज इस अपूरणीय क्षति से शोकाकुल है.
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