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This Article is From Sep 14, 2018

... तो इस वजह से भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण समय से पहले हुए जेल से 'आजाद'

उत्तर प्रदेश में हिंसा के मामलों में रासुका की वजह से पिछले एक साल से जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को यूपी पुलिस ने रिहा कर दिया है.

... तो इस वजह से भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण समय से पहले हुए जेल से  'आजाद'
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण हुए रिहा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हिंसा के मामलों में रासुका की वजह से पिछले एक साल से जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को यूपी पुलिस ने रिहा कर दिया है. हालांकि, अभी तक यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण पर से रासुका हटाया गया है या नहीं. मगर पुलिस की ओर से जो बयान जारी हुआ है, उसके मुताबिक, चंद्रशेखर को उनकी मां की वजह से रिहा किया गया है. बता दें कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को शुक्रवार तड़के करीब पौने तीन बजे रिहा किया गया. वह बीते साल भर से साहरनपुर की जेल में बंद थे.

जेल से रिहा होते ही भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण बोले- अपने लोगों से कहूंगा 2019 में BJP को उखाड़ फेंकें

चंद्रशेखर की रिहाई को को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बयान जारी किया है. मीडिया को जारी उत्तर प्रदेश पुलिस के बयान के मुताबिक, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण को सिर्फ बदले हालात और उनकी मां के आग्रह की वजह से रिहा किया गया है. गौरतलब है कि चंद्रशेखर को पश्चिमी यूपी में हुए जातिगत संघर्ष का जिम्मेदार बताते हुए यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसकी वजह से वह पिछले साल जून महीने से रासुका के मामले में जेल में बंद थे. मिली जानकारी के अनुसार उन्हें नवंबर में रिहा किया जाना था. 

हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर रासुका लगाने के विरोध में भूख हड़ताल

जेल से रिहा होने के बाद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखऱ ने कहा कि 'सरकार डरी हुई थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट उसे फटकार लगाने वाली थी. यही वजह है कि अपने आप को बचाने के लिए सरकार ने जल्दी रिहाई का आदेश दे दिया. मुझे पूरी तरह विश्वास है कि वे मेरे खिलाफ दस दिनों के भीतर फिर से कोई आरोप लगाएंगे. मैं अपने लोगों से कहूंगा कि साल 2019 में बीजेपी को उखाड़ फेंकें.' 

सहारनपुर : भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर के खिलाफ रासुका की कार्रवाई

बताया जाता है कि भीम आर्मी का गठन करीब तीन साल पहले किया गया था और यह पिछड़ी जातियों में खासा प्रचलित है. स्थानीय लोगों के अनुसार भीम आर्मी काफी आक्रमक रूप से पिछड़ी जातियों से जुड़े युवा और अन्य को जागरूक करने में लगा है. यही वजह है कि आज भीम आर्मी के 300 के करीब स्कूल चल रहे हैं. बता दें कि पिछले साल यूपी पुलिस ने चंद्रशेखर को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पहले चंद्रशेखर के बारे में किसी तरह की जानकारी देने को लेकर यूपी पुलिस ने 12 हजार रुपये का इनाम भी रखा था. 

बताया जाता है कि पिछले साल सहारनपुर जनपद में हिंसात्मक घटनाएं हुई थीं. 5 मई की घटनाओं के आरोप में वो जेल में थे. उनके ऊपर रासुका की कार्रवाई की गई है. चंद्रशेखर के ऊपर कानून-व्यवस्था, लोक-व्यवस्था छिन्न-भिन्न करने का आरोप है. 

VIDEO: सहारनपुर जातीय हिंसा का आरोपी और भीम आर्मी का चीफ चंद्रशेखर गिरफ्तार
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