- लोक भवन से CM योगी ने दिखाई 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी
- योगी बोले- अब यूपी पुलिस को पहचान छिपाने की जरूरत नहीं
- 2017 से पहले और अब की कानून व्यवस्था पर बोले CM योगी
उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक और तकनीक आधारित संसाधनों से सशक्त बनाने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को फ्लैग ऑफ किया. इन वाहनों का उपयोग यातायात नियमों के प्रभावी पालन, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया और पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष' का विमोचन भी हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया.
87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 87 आधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों का फ्लैग ऑफ किया. इनमें चारपहिया और दोपहिया दोनों प्रकार के वाहन शामिल हैं. सरकार का मानना है कि इन वाहनों के उपयोग से सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में और अधिक दक्षता आएगी. साथ ही पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता भी मजबूत होगी.
अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इंटरसेप्टर वाहनों (चारपहिया एवं दोपहिया) के फ्लैग ऑफ हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में...https://t.co/ias0RJEhgF
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 1, 2026
पुलिसकर्मियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों का पदक अलंकरण समारोह भी आयोजित किया गया. विभिन्न सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया. इसके अलावा देश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष' का विमोचन भी मुख्यमंत्री के हाथों किया गया.
राज्य सरकार की जो अपराध और अपराधियों के प्रति Zero Tolerance की नीति है, उसे @Uppolice प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही है... pic.twitter.com/1K7sXNYECo
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 1, 2026
योगी बोले- यूपी पुलिस की बनी अलग पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने कहा, आज यूपी पुलिस को अपनी पहचान छिपाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता. यूपी पुलिस का थीम है, ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प.' मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज में शांति और सुरक्षा का माहौल होना जरूरी है. सुरक्षित वातावरण में ही विकास, चिंतन और प्रगति संभव हो सकती है.
बंद चैंबर के सुखद माहौल में तभी चिंतन कर सकते हैं, जब बेहतरीन सुरक्षा का माहौल हो...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 1, 2026
कोई भी व्यक्ति हो, कितना भी बड़ा क्यों न हो, पद का गुरूर क्यों न हो, अगर उसकी सुरक्षा बाहर कर दी जाए तो उसे 'भीगी बिल्ली' बनने में बहुत देर नहीं लगेगी... pic.twitter.com/N1c0eGZu9x
सुरक्षा का महत्व बताया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंद कमरों में बैठकर चिंतन करना आसान है, लेकिन वास्तविकता यह है कि समाज में सुरक्षा का माहौल होगा तभी लोग स्वतंत्र रूप से अपने विचारों और कार्यों को आगे बढ़ा पाएंगे. उन्होंने कहा कि चाहे कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि उसकी सुरक्षा व्यवस्था खत्म कर दी जाए तो परिस्थितियां तुरंत बदल सकती हैं. इसलिए कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है.
तराई क्षेत्र का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन कॉलेज के दौर का का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश का तराई क्षेत्र आतंकवाद और भय के माहौल से प्रभावित था. उन्होंने कहा कि उस दौर में निर्णय लेने की क्षमता रखने वाले नेतृत्व और पुलिस अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. कठिन परिस्थितियों में लिए गए फैसलों का सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला. योगी ने कहा कि जो लोग शांति और सुरक्षा के पक्ष में नहीं थे, वे हमेशा षड्यंत्र करने का प्रयास करते थे, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ कार्रवाई से हालात बदले जा सकते हैं.
प्रकाश सिंह के अनुभवों की सराहना
मुख्यमंत्री ने पुस्तक ‘संघर्ष' का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकाश सिंह देश के प्रतिष्ठित पुलिस अधिकारियों में रहे हैं और उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, असम, नागालैंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में सेवा के दौरान मिले अनुभवों को पुस्तक में विस्तार से प्रस्तुत किया गया है.
क्या स्थिति थी 2017 के पहले...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 1, 2026
पॉलिटिकल लीडरशिप में अगर निर्णय लेने का सामर्थ्य न हो, उसकी रीढ़ टेढ़ी हो तो वह कानून-व्यवस्था की स्थिति को सीधा कैसे करती... pic.twitter.com/nRFLVpfiFh
2017 से पहले और अब की स्थिति का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले हालात अलग थे. यदि राजनीतिक नेतृत्व मजबूत न हो तो कानून-व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करना मुश्किल हो जाता है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले माफिया तत्वों के सामने झुकने और समझौता करने की घटनाएं होती थीं, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और कानून का राज स्थापित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.
आधुनिक पुलिसिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में आधुनिक तकनीक और उन्नत संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि नए इंटरसेप्टर वाहन और तकनीकी संसाधन पुलिस को अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद करेंगे.
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