UPSC के 100 साल पूरे होने के खास मौके को पीएम मोदी ने गर्व की बात बताया. उन्होंने कहा कि एक सदी से इसने प्रशासन और लोगों की सेवा में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल के सामने आजादी के बाद देश के एकजुट करने के साथ ही एक राष्ट्र को चलाने की चुनौती भी थी. जिस प्रेम की जरूरत राष्ट्र निर्माण के लिए थी वह सरदार पटेल ने दिया. उन्होंने इस संस्था को आजाद भारत का एक प्रमुख स्तंभ बनाया और इसे सशक्त किया. 1926 में जब इसकी नींव रखी गई थी तब इसकी प्राथमिकताएं अलग थीं. तब इसकी जवाबदेही ब्रिटिश सरकार के लिए थी. लेकिन आजाद भारत में ये प्राथमिकताएं बदल गईं.
पीएम मोदी ने कहा कि बीते दशकों में यूपीएससी ने अपने दायित्वों को बेहतरीन तरीके से निभाया है. इतिहास से आगे बढ़कर अब हमारे सामने भारत का भविष्य इंतजार कर रहा है. 21वीं सदी का एक क्वाटर यानी कि 25 साल बीत चुके हैं. आने वाले 20-25 साल भारत के लिए, भारत के हर व्यक्ति और संख्या के लिए बहुत अहम हैं. इसलिए इसी दिशा में चर्चा का फोकस रहेगा, विकसित भारत के लिए जिस तरह की गवर्नेंस देश के लिए चाहिए उसका बड़ा माध्यम यूपीएससी और राज्यों का चयन आयोग भी हैं.
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इतिहास के आगे बढ़कर अब हमारे सामने भारत का भविष्य इंतजार कर रहा है। 21वीं सदी का एक क्वार्टर बीत चुका है। आने वाले 20-25 साल भारत के लिए बहुत अहम है। विकसित भारत के लिए देश को जिस तरह का नेतृत्व चाहिए उसका बहुत बड़ा माध्यम UPSC और राज्यों… pic.twitter.com/xXewzIoR4n
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 1, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि आज जिन लोगों की भर्ती हो रही है वे विकसित भारत में अहम भूमिका निभाएंगे. हमें दो कसौटियों को हमेशा याद रखना है. पहली नेशन फर्स्ट और दूसरी कसौटी है सिटीजन फर्स्ट. यही दो कसौटियां हैं, जिन पर हर सलेक्शन को कसा जाना है. जब इस भाव से केंडिडेट को परखा जाएगा तो राष्ट्र् रक्षा की प्राप्ति उतनी ही सहज और आसान हो जाएगी. 2024 का भारत आजे के मुकाबले और ज्यादा अर्बन होगा. गांव और शहरों के बीच फासला कम हो जाएगा.
इस समय हर ओर AI के चर्चे
पीएम मोदी ने कहा कि आज के दौर में हमारा मंत्र है नागरिक देवो भवः. आज 21वीं सदी का भारत नई कार्य संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है. आज बहुत तेजी से युग और तकनीक बदल रही है. इसके बाद आने वाले समय में नई तरह की चुनौती समाज के सामने आ रही है. इस समय AI को लेकर समाज में चर्चा छिड़ी हुई है, ऐसे में हमारे सिविल सर्वेंट भी अलग तरह की परिस्थितियों में काम करेंगे.
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज के दौर में हमारा मंत्र है नागरिक देवो भवः। आज 21वीं सदी का भारत नई कार्य संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है... आज बहुत तेजी से युग और तकनीक बदल रही है। इसके बाद आने वाले समय में नई तरह की चुनौती समाज के सामने आ रही है। इस समय AI को लेकर… pic.twitter.com/DAvg8AhSAY
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UPSC के इतिहास में 4 महिला चेयरपर्सन में से तीन 2014 के बाद बनी
पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को हमेशा याद रखना है कि आपका काम युवा शक्ति के भविष्य से जुड़ा हुआ है. युवा शक्ति से राष्ट्र शक्ति के मिशन का आप एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. जब UPSC का गठन हुआ था तब बड़े शहरों के बड़े घर के बच्चों को इसका अवसर मिलता था. आज गांव और कस्बों के युवा भी इसमें पहुंच रहे हैं, हमारी बेटियों की भागीदारी भी इसमें बढ़ रही है. UPSC के पूरे इतिहास में 4 महिला चेयरपर्सन रही हैं और उनमें से 3 चेयरपर्सन 2014 के बाद बनी हैं.
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