IAS Vishal Singh success story: उत्तर प्रदेश सरकार में एक IAS अधिकारी (IAS officer) इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं. भदोही, वाराणसी से लेकर अय़ोध्या तक... जहां भी जिम्मेदारी मिली वहां इस अधिकारी ने विकास की नई मिसाल पेश की. इतना ही नहीं इनके योग्य कार्य के लिए पीएम मोदी ने भी तारीफ में कसीदे पढ़े थे. ऐसे में यहां आपको बताते हैं इस अफसर के बारे में सबकुछ...
आज हम बात करने जा रहे हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार IAS विशाल सिंह की. दरअसल, आईएएस विशाल सिंह से संस्कृति विभाग से जुड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारियां वापस ले ली गई हैं. शासन के नए आदेश के बाद अब उनके पास केवल निदेशक, सूचना का दायित्व रहेगा. जबकि विशेष सचिव, संस्कृति विभाग और निदेशक, संस्कृति के प्रभार से उन्हें मुक्त कर दिया गया है.
बता दें कि IAS विशाल सिंह ने अयोध्या को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रशासनिक गलियारों में उन्हें मुख्यमंत्री योगी के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है. दरअसल, विशाल सिंह एक प्रमोटी आईएएस अधिकारी हैं. उन्हें वर्ष 2021 में पीसीएस से IAS कैडर में पदोन्नत किया गया था. वह 2020 से 2024 तक अयोध्या विकास प्राधिकरण के वॉइस चेयरमैन रहे. इतना ही नहीं राम मंदिर निर्माण की शुरुआत से लेकर उसके पूर्ण होने तक... विशाल सिंह ने अहम भूमिका निभाई.
2000 में बने PCS अधिकारी
11 मार्च 1973 को जन्मे आईएएस विशाल सिंह उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी हैं. उन्होंने अपनी 10वीं की शिक्षा संत अतुलानंद आवासीय अकादमी वाराणसी से पूरी की. इसके बाद 12वीं की पढ़ाई यूपी कॉलेज वाराणसी से की. वर्ष 1998 में उन्होंने आईएमएस गाजियाबाद से मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री प्राप्त की. उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. अपनी मेहनत और लगन के बल पर वर्ष 2000 में वे पीसीएस अधिकारी बने. साल 2021 में काबिलियत व कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें पीसीएस से आईएएस कैडर में प्रमोशन दिया गया. वहीं आईएएस बनने के बाद विशाल सिंह को अयोध्या नगर निगम के नगर आयुक्त और अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया था.
2024 में विशाल सिंह भदोही के DM बने
वर्ष 2024 में विशाल सिंह को भदोही का डीएम नियुक्त किया गया था. उन्होंने लगभग एक वर्ष तक जिले की प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं और कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति दी. इसके बाद वर्ष 2025 में उन्हें उत्तर प्रदेश का सूचना निदेशक बनाया गया. पीसीएस अधिकारी के रूप में अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने लखनऊ, कासगंज, बिजनौर, वाराणसी, बुलंदशहर, प्रयागराज और अयोध्या समेत कई जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं.
PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
विशाल सिंह वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर भी काम कर चुके हैं. विशाल सिंह के नेतृत्व में ही पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का काम पूरा कराया गया. इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने भी इनकी तारीफ में कसीदे पढ़े थे.
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