एक तरफ सरकार कोरोना संक्रमित शवों को नदियों में प्रवाह नहीं किए जाने के तमाम प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ इन प्रयासों की गंभीरता पर प्रश्न चिह्न लगाते कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर का ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है. जहां दो लोग खुलेआम एक पुल से शव को नदी में फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो 28 मई का बताया जा रहा है, पुल के किनारे दो लोगों को शव फेंकने की जद्दोजहद करते हुए किसी ने अपने कैमरे में कैद कर लिया. हैरान करने वाली बात ये है कि उनमें से एक शख्स ने तो PPE किट पहनी है लेकिन दूसरा शख्स बिना PPE किट के इस्तेमाल के उस शव को पकड़ रहा है.
बलरामपुर में कोविड से मरने वाले प्रेमनाथ मिश्र के शव को राप्ती नदी के पुल से नदी में फेंकने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें से एक मरने वाले का भतीजा संचय शुक्ल और दूसरा उसकी मदद करने वाला सफाई कर्मचारी मनोज कुमार है.
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वीडियो को देखने का बाद ऐसा लग रहा है कि जैसे शव को बॉडी बैग से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि शव वास्तव में एक कोविड रोगी प्रेमनाथ का ही था, और रिश्तेदार इसे नदी में फेंकने की कोशिश कर रहे थे. परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर शव को उन्हें दोबारा सौंप दिया गया है.
बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीवी सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि मरीज को 25 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और तीन दिन बाद 28 मई को उसकी मृत्यु हो गई. कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार, शव उसके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया था. उन्होंने बताया कि हमने मामला दर्ज कर लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई. इसमें दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश और बिहार में कई नदियों में शवों को बहाने का मामला सामने आया है. सरकार लगातार नदियों में अनाउंस करा रही है कि यदि किसी कारण आप अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे थे तो सरकारी इंतजाम के माध्यम से मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा. बावजूद इसके नदियों में शवों के मिलने का सिलसिला जारी है.
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