- रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी को गिराए जाने से बचाने के लिए अब छात्रों ने धरना शुरू कर दिया है
- छात्रों का आरोप है कि सरकार की कार्रवाई यूनिवर्सिटी पर नहीं बल्कि उनके भविष्य पर की जा रही है
- छात्रों ने चेतावनी दी कि प्रशासन अगर आदेश वापस नहीं लेगा तो वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे
उत्तर प्रदेश के रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है. यूनिवर्सिटी गिराए जाने से बचाने के लिए अब छात्रों ने मोर्चा अपने हाथ में ले लिया है. छात्र बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठे हैं. उनका आरोप है कि सरकार की कार्रवाई यूनिवर्सिटी पर नहीं बल्कि उनके भविष्य पर की जा रही है. अगर प्रशासन अपना आदेश वापस नहीं लेगा तो वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे.
सपा नेता महबूब अली को रामपुर जाने से रोका
समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव के आह्वान पर सपा के वरिष्ठ नेता महबूब अली अमरोहा से रामपुर कूच कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने अमरोहा से पांच बार के विधायक महबूब अली को भारी सुरक्षा बल के साथ गांधी मूर्ति चौराहे पर ही रोक दिया. दरअसल महबूब अली जौहर यूनिवर्सिटी को गिराए जाने के विरोध में अपने 45 कार्यकर्ताओं के साथ रामपुर जा रहे थे. रोके जाने पर उनकी पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई. हालांकि इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया.
बता दें कि जमात-ए-इस्लामी हिंद के एक डेलिगेशन ने बुधवार को जौहर विश्वविद्यालय का दौरा कर विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों के प्रति अपना समर्थन जताया था. डेलिगेशन ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ जारी बुलडोजर एक्शन चिंता जताते हुए जिला मजिस्ट्रेट के जरिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और हजारों छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए.
विपक्ष को शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार
रामपुर जाने से रोके जाने पर महबूब अली ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या की जा रही है. विपक्ष को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह सरकार तानाशाही पर उतर आई है.
छात्रों पर लाठीचार्ज और अखिलेश यादव की हिरासत पर आक्रोश
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने की भी महबूब अली ने कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना जनता और विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस प्रशासन हमें रोकेगा, तो हम पीछे नहीं हटेंगे और अपनी गिरफ्तारी देंगे.
'मेरे कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ'
देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर महबूब अली ने अपनी पिछली सरकार के कामकाज का हवाला देते हुए वर्तमान सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी की सरकार में मैं खुद शिक्षा मंत्री रहा हूं. मेरे पूरे कार्यकाल के दौरान एक भी पेपर लीक की घटना नहीं हुई. अगर सरकार की कार्यशैली और नीयत साफ हो, तो पेपर लीक होना नामुमकिन है. यह सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है."
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