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राम मंदिर चढ़ावा केस: SIT की जांच तेज, टिन्नू और गोपाल से दोबारा पूछताछ, केडी तिवारी के पास नहीं मिली सोने की ईंट

IT ने कल फिर गोपाल राव और टिन्नू यादव से पूछताछ की. मंदिर के पुजारी से हीरा जड़ित हार और चरण पादुका के बारे में सवाल हुए.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच करने पहुंची एसआईटी टीम.
  • राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए सरकार ने गठित की है SIT.
  • राममंदिर के पुजारी से हीरा जड़ित हार और चरण पादुका के बारे में पूछताछ.
  • गोपाल राव और टिन्नू यादव से एसआईटी ने दोबारा की पूछताछ

SIT Investigation Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में SIT की जांच में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं और ट्रस्ट से जुड़े लोगों को सवाल-जवाब से रूबरू होना पड़ रहा है. आस्था से जुड़े इस मामले पर पूरे देश की नजर लगी हुई है. करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार साक्ष्य जुटाने, संबंधित लोगों से पूछताछ करने और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल में जुटा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे देश की निगाहें इस जांच पर टिकी हुई हैं.

लोगों के अनुसार, एसआईटी ने मंदिर में चढ़ावे के संग्रह, उसकी गणना और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया की बारीकी से जांच शुरू की है. जांच टीम दानपात्रों से नकदी और सोने चांदी, हीरे-जवाहरात के जेवर, गिनती केंद्रों तक की व्यवस्था को खंगाल रही है.

पुजारी से हार और चरण पादुका के बारे में पूछताछ

SIT ने गुरुवार को एक बार फिर से गोपाल राव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से पूछताछ की है. खबर यह भी है कि राममंदिर के पुजारी से भी हीरा जड़ित हार और चरण पादुका के बारे में पूछा गया है, जिस पर पुजारी ने बताया कि हार और चरण पादुका भगवान को पहनाने के बाद टिन्नू यादव को वापस कर दी थीं. उधर, टिन्नू ने बताया कि इस सोने को गलाकर ईंट बनाने की बात थी.

आभूषण रखने वाले कृष्ण देव तिवारी से पूछताछ हुई तो न सोने की ईंट मिली औ ना ही कोई रसीद. इसके साथ ही एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और संबंधित दस्तावेजों का भी खंगाल रही है.

कौन हैं गोपाल राव और टिन्नू यादव

राम मंदिर के चढ़ावे का हिसाब किताब रखने वाले 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' में गोपाल राव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय हैं. चढ़ावे की पूरी धनराशि को ट्रस्ट के लिए अधिकृत बैंक के खातों में जमा कराया जाता है. टिन्नू यादव पेशे से ड्राइवर था, फिर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों की गाड़ियां चलाने का काम मिलने के बाद उसकी पैठ बढ़ती गई. उन्हें राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद चंदा गिनने के काम में लगा दिया था. बताया जा रहा है कि राम शंकर यादव की संपत्ति में तेजी से इजाफा हुआ है.

गोपाल राव वह चंदे के पैसों की गिनती के प्रभारी थे. गोपाल राय विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी हैं. वो विहिप के केंद्रीय मंत्री के पद पर हैं. चंदे की गिनती में सबसे अहम रोल इन्हीं का होता था.

60 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

जांच एजेंसियों ने अब तक कई कर्मचारियों, सेवादारों और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े लोगों से पूछताछ की है. लोगों का मानना है कि अब तक 5 दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है. कुछ लोगों से एक से अधिक बार सवाल-जवाब किए गए हैं, ताकि तथ्यों का मिलान किया जा सके. 
SIT टीम ने ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा को चेन्नई से तलब कर कई घंटे की पूछताछ की.

चढ़ावा इकट्ठा करने और जमा करने के बीच गड़बड़ी?

एसआईटी यह जानने का प्रयास कर रही है कि कहीं चढ़ावे की राशि के संग्रह और जमा प्रक्रिया के बीच किसी स्तर पर अनियमितता तो नहीं हुई. मामले को और गंभीर तब माना गया, जब जांच के दौरान कुछ डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की भी जांच शुरू की गई.अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्य पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी यह मामला हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है. विपक्ष जहां मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. वहीं, सरकार का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी. फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

आज अयोध्या आ रहे सीएम योगी

SIT की जांच के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर बाद अयोध्या पहुंच पहुंचेंगे. वह हनुमान गढ़ी, रामजन्म भूमि मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे. इसके अलावा वह SIT टीम से भी मामले की जानकारी लेंगे. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से ट्रस्ट के पदाधिकारियों चंपतराय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को कार्यक्रम से दूर रखा गया है.

ये भी पढ़ें- राम मंदिर में आए करोड़ों के दान का क्या होता है, कौन रखता है हिसाब किताब?

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Pramod Shrivastava
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