अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए अयोध्या में 23 जुलाई को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की साधु-संतों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक होने जा रही है. इस हाई प्रोफाइल बैठक को यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा के सियासी नुकसान की भरपाई (डैमेज कंट्रोल) और 'चढ़ावा चोरी' विवाद से आहत हिंदू समाज को साधने की बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है.
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
अयोध्या में होने जा रही इस हाई प्रोफाइल बैठक में 300 संत शामिल होंगे. ये साधु-संत विभिन्न अखाड़ों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. इसके अलावा आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं. इस बैठक के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं.
किस मुद्दे पर होगा मंथन?
आरएसएस पदाधिकारियों क मुताबिक, बैठक में चढ़ावा चोरी मामले में अब तक हुई कार्रवाई, एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट और श्रद्धालुओं के भ्रम व अविश्वास को दूर करने पर विस्तार से चर्चा होगी. ट्रस्ट की बैठक के तुरंत बाद यह अहम बैठक 22 जुलाई को होने वाली 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की बैठक के ठीक अगले दिन होने जा रही है. ये बैठक राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम में होगी. बताया जा रहा है कि रणनीति पर संतों की राय, रामकोट साधु-संतों की सहमति और राय के बाद ही आगे का फाइनल रोडमैप (रणनीति) तैयार किया जाएगा.
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