राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध जारी है. पिछले कुछ दिनों से विपक्षी दल लगातार इस मसले पर चर्चा की मांग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं. इस बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा में समाजवादी पार्टी संसदीय दल के नेता रामगोपाल यादव ने एनडीटीवी से बातचीत में मांग की है कि राम मंदिर में सोना-चांदी के चढ़ावे की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) को सौंप दी जानी चाहिए.
सपा सांसद ने तिरुपति मंदिर का दिया उदाहरण
रामगोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा, "अयोध्या के राम मंदिर में सोना-चांदी के चढ़ावे की देखरेख की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) को सौंप दी जानी चाहिए. तिरुपति में आरबीआई (RBI) की एक शाखा है जो सोना-चांदी के चढ़ावे का संचालन करती है. उसी तर्ज पर राम मंदिर में सोना-चांदी के चढ़ावे का संचालन होना चाहिए".
रथ यात्रा के चढ़ावे का भी कोई हिसाब नहीं
रामगोपाल यादव मानते हैं कि चंदा चोरी को लेकर चिंता पुरानी है. वो कहते हैं, "1990 के बाद पिछले करीब 13000 दिनों के दौरान राम मंदिर में चढ़ावा स्तर पर हो रहा है जिसकी देखरेख ठीक से नहीं की गई. बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने जब रथ यात्रा की थी तब लोगों ने पादुकाएं चढ़ाई, महिलाओं ने अपने जेवर बेच कर चढ़ावा किया, एक-एक दिन में लोगों ने करोड़ों रुपये दिए. उस दौरान जो चढ़ावा हुआ उसका कोई हिसाब-किताब नहीं है".
रामगोपाल यादव अपने निजी अनुभव का जिक्र करते हुए कहते हैं कि तिरुपति में भी काफी पैसा और जेवर चढ़ाया जाता है. रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने वहां एक ब्रांच खोल रखी है. वहां चढ़ावा को तौला जाता है, रसीद दिया जाता है और मिन्टिंग की व्यवस्था भी है वहां. जैसा मैनेजमेंट चाहता है तिरुपति का वैसे सोना-चांदी का मैनेजमेंट किया जाता है. उसी तर्ज पर राम मंदिर में किये जाने वाले चढ़ावा की monitoring और मैनेजमेंट की जानी चाहिए.
यह भी पढ़ें- शिवसेना केस में सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, कहा-अयोग्यता पर लागू नहीं होता सुभाष देसाई फैसला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं