प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित हो हो रहे सबसे बड़े अध्यात्मिक और धार्मिक मेले में जहां देश भर से साधु–संत और बाबा पहुंचे हुए है. वहीं साधु संतों ने मेले में अपना जलवा बिखेरना शुरू कर दिया है. महंगी गाड़ियों का शौक रखने वाले खाक चौक के जगद्गुरु संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा के सुर्खियों में आने के बाद अब एक और बाबा इन दिनों माघ मेले में चर्चा में बने हुए है. मूलरूप से कानपुर के रहने वाले गूगल गोल्डन बाबा उर्फ मनोज आनंद ने सोने-चांदी के गहने पहने हुए है. गोल्डन बाबा ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए नंगे पैर रहने का कठोर संकल्प भी लिया हुआ है. चांदी के मुकुट और हाथों में सोने के लड्डू गोपाल के साथ बाबा का यह अनोखा अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है.
5 करोड़ के गहने
कानपुर से आए गूगल गोल्डन बाबा अपने अनोखे अंदाज के लिए पूरे माघ मेले में इन दिनों छाए हुए हैं. बाबा अपने हाथों में सोने से बने लड्डू गोपाल की मूर्ति हमेशा लेकर चलते है. मनोज आनंद उर्फ गोल्डन बाबा महाराज अपने शरीर पर करीब पांच करोड़ की कीमत का आभूषण पहनकर रहते है. गोल्डन बाबा अपने हाथों में देवी देवताओं की आकृति वाली अंगूठियां और गले में सोने और चांदी का शंख भी पहने हुए हैं. बाबा की वेशभूषा एकदम अलग दिखती है. गोल्डन बाबा ने अपने सिर पर कई किलों का चांदी से बना हुआ मुकुट भी पहना हुआ है.
इसलिए पहनते हैं इतना आभूषण
गूगल गोल्डन बाबा कहते है कि वो केवल अपने आभूषणों के लिए ही नहीं जाने जाते बल्कि अपने एक कठोर संकल्प के लिए भी लोग उन्हें जानते है. लोग उन्हें गूगल गोल्डन बाबा के नाम से जानते है. बाबा ने बताया कि उनको सोना और चांदी पहनने का शौक इसलिए है क्योंकि वो एक क्षत्रिय हैं. उन्होंने जो सोने और चांदी के आभूषण पहने हुए है उसकी कीमत करीब पांच करोड़ से कम नहीं है.
20 साल से ऐसे ही रहते हैं गोल्डन बाबा
बाबा के मुताबिक कई किलों सोना उन्होंने पहना हुआ है. करीब 20 साल से वो इस वेशभूषा में रहते है. बाबा पहले पांच लाख रुपये की चांदी की चप्पल पहनते थे लेकिन अब उन्होंने नंगे पैर रहने का प्रण लिया है. बाबा चांदी के बर्तन में भोजन करते है और उनके चांदी के मुकुट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगी हुई है. वो अबतक यूपी के सभी जिलों में घूम चुके है. बाबा पिछले आठ सालों से मेले में आते है और यहां अनुष्ठान करते है. बाबा ने बताया कि इतना सोना और चांदी पहनकर उनको कोई डर नहीं लगता क्योंकि उनके लड्डू गोपाल उनके साथ हैं. उनको किसी सुरक्षा की जरूरत नहीं है और वो अपने प्रभु के साथ सुरक्षित हैं. गोल्डन बाबा से ये सवाल पूछे जाने पर कि बाबा पहले क्या करते थे तो उन्होंने जवाब में कहा कि वो पैदायशी रईस हैं. ये माघ मेला महा विशेष है. गोल्डन बाबा ने बताया कि उनका नाम गूगल गोल्डन बाबा इसलिए है जब आप गूगल में ढूंढेंगे तो वह तुरंत प्रकट हो जाएंगे.
माघ मेले में गूगल गोल्डन बाबा अपनी सोने-चांदी की भव्यता से सबका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. गोल्डन बाबा माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर दो में रहकर अपने शिविर में प्रवास कर रहे हैं और भक्तों को दर्शन भी देते हैं.
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