आज यानी 10 अगस्त, सोमवार को सावन महीने का पहला प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धा से पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. मान्यता यह भी है कि सच्चे मन से सोम प्रदोष का व्रत रखने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. वहीं, प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में करना सबसे शुभ माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं आज प्रदोष काल का समय क्या रहने वाला है-
आज प्रदोष काल का समय
प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सूर्यास्त के बाद का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इस समय को ही प्रदोष काल कहा जाता है. 10 अगस्त को सोम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ समय शाम 7 बजकर 5 मिनट से रात 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. भक्त इस अवधि में भगवान शिव का अभिषेक और पूजा कर सकते हैं.
सोम प्रदोष व्रत की पूजा कैसे करें?
- भक्त दिनभर अपनी क्षमता के अनुसार उपवास रखें.
- शाम को प्रदोष काल शुरू होने पर पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल से शुद्ध कर लें.
- इसके बाद शिवलिंग का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें. इसके बाद साफ जल अर्पित करें.
- पूजा के दौरान भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल, सफेद फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें.
- इसके बाद धूप और दीप जलाकर फल, मिठाई और पंचामृत का भोग लगाएं.
- 'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें.
- शिव चालीसा, रुद्राष्टक, शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें.
- प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें.
- अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें और परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें.
- अगले दिन दान-दक्षिणा करने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत का पारण किया जा सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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