- नोएडा में कर्मचारियों की भीड़ एक बार फिर सेक्टर 63 फैक्ट्री के बाहर जुटने लगी
- कर्मचारियों ने बताया कि उनको मैसेज और कॉल के जरिए ड्यूटी पर आने को कहा गया था
- पुलिस ने कर्मचारियों की भीड़ को फैक्ट्री के बाहर से तितर-बितर कर दिया
नोएडा में वेतन बढ़ोतरी को लेकर चल रही कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन कर्मचारियों की भीड़ सेक्टर 63 में जमा हो गई. जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे तिरर-बितर किया. पुलिस फोर्स को देखते ही भीड़ मौके से भागने लगी. उनका कहना है कि वह वहां अपनी मर्जी से नहीं आए बल्कि उनको बुलाया गया है. फैक्ट्री कर्मचारियों ने कहा कि उनको मैसेज और कॉल करके ड्यूटी पर आने को कहा गया था. उन्होंने एनडीटीवी को फोन मैसेज भी दिखाए. हालांकि, फैक्ट्री पहुंचने पर उन्हें वापस जाने को कहा गया.
फैक्ट्री बंद है वापस चले जाओ
कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने पुलिस से भी बात की. पुलिस ने उनसे कहा कि फैक्ट्री बंद है और उन्हें वापस चले जाना चाहिए. बता दें कि इलाके में फिलहाल शांति बनी हुई है. पुलिस ने वहां इकट्ठा हुई भीड़ को तितर-बितर कर दिया है. कर्मचारियों के दौड़ने के वहां से भागने के वीडियो भी सामने आए हैं. वहीं पुलिस एक उत्पात मचाने वाले एक लड़के को पकड़कर अपने साथ ले जाती नजर आ रही है.
वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुआ विरोध-प्रदर्शन
बता दें कि सोमवार को नोएडा की कई जगहों पर हजारों कर्मचारियों की भीड़ सड़कों पर उतर आई थी. उन्होंने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था. इन वर्कर्स को सोशल मीडिया के जरिए भड़काया गया था. गुस्साई भीड़ ने तोड़फोड़ और आगजनी भी की थी. इस विरोध प्रदर्शन की वजह से कई इलाकों में घंटों तक जाम के हालात रहे. मंगलवार को भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर नजर आए थे.

कामगारों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी का आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद विभिन्न श्रेणियों के कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन में अंतरिम बढ़ोतरी का निर्देश दिया है, जिसके तहत संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी. अधिकारियों ने कहा कि इस वेतन वृद्धि से सभी श्रेणियों में अधिकतम 3,000 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी, जबकि गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में कामगारों की मासिक आय में 21 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकेगी.

औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अंतिम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया जल्द गठित किए जाने वाले वेतन बोर्ड के माध्यम से की जाएगी और सरकार कामगारों के स्वास्थ्य, पेंशन तथा उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़े अतिरिक्त कल्याणकारी उपायों पर भी विचार कर रही है. सोमवार को नोएडा में फैक्टरी कामगारों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद श्रम मुद्दों की समीक्षा के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने वेतन वृद्धि का फैसला लिया.
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