Moradabad Leopard Terror: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर जिले में तेंदुए का खौफ लगातार कायम है. पीतल नगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है. यहां तेंदुए के हमलों में अब तक तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है, कई लोग घायल भी हुए है. इससे दर्जनों गांवों में लोगों के बीच दहशत का माहौल है. तेंदुए की इस खौफ के बीच हमारी टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची और बहापुर बलिया गांव में हालात का जायजा लिया, जहां वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए की तलाश में जुटी हुई है. मौके पर पहुंचकर देखा गया कि गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए को लेकर भारी खौफ है.
वन विभाग को तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. गांव में ऑटो के जरिए लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क रहने और अकेले खेतों या जंगल की तरफ न जाने की अपील की जा रही है. पुलिस भी अपने स्तर से ड्रोन कैमरों की मदद से वन विभाग के सर्च ऑपरेशन में सहयोग कर रही है.

मुरादबाद में तेंदुए की तलाश के लिए पेड़ों की जड़ों में लगाए गए हिडेन कैमरे.
Photo Credit: NDTV
अकेले निकलने से डर रहे लोग, हाथों में लाठी लेकर खेत जाते हैं
हालात इतने डरावने हैं कि ग्रामीण खेतों में काम करने तो जा रहे हैं, लेकिन डर के साए में. कई लोगों के हाथों में लाठियां हैं और महिलाएं भी अकेले खेतों में जाने से बच रही हैं. छोटे बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी परिवार डर रहे हैं. इसी बहापुर बलिया गांव में मंगलवार सुबह तेंदुए ने एक और महिला को अपना शिकार बना लिया.
45 वर्षीय मिथलेश देवी पत्नी बृजपाल सिंह उर्फ गुड्डू गांव की आठ महिलाओं के साथ धान की निराई करने खेत पर गई थीं. बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10 बजकर 40 मिनट पर तेंदुआ पहले से ही खेत में घात लगाकर बैठा था और अचानक उसने मिथलेश देवी पर हमला कर दिया.

मुरादाबाद में तेंदुए की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे की भी मदद ली जा रही है.
Photo Credit: NDTV
खेत में काम कर रही महिला के गले पर हमला, वही हो गई मौत
तेंदुए ने उनकी गर्दन दबोच ली. मिथलेश की चीख सुनकर साथ में काम कर रही महिलाओं ने हिम्मत दिखाई और दरांतियां फेंककर तेंदुए को भगाने की कोशिश की. तेंदुआ वहां से भाग गया, लेकिन मिथलेश देवी की गर्दन पर गंभीर चोट लगी थी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के दौरान उनके साथ काम कर रही पुष्पा देवी दहशत के कारण बेहोश होकर गिर पड़ीं.
बेटा एटा सिपाही, मां की मुरादाबाद में तेंदुए के हमले में गई जान
मृतका मिथलेश देवी यूपी पुलिस में एटा में तैनात सिपाही रोहित की मां थीं. वह अपने पीछे दो विवाहित बेटियां स्वाति और कांता तथा एक बेटा रोहित छोड़ गई हैं. घटना की खबर मिलते ही गांव में सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए. प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार, सीओ आशीष प्रताप सिंह और एसडीएम वेद प्रकाश पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. डीएफओ डॉ. विनय कुमार और वन क्षेत्र अधिकारी रिजुल कंसल भी वन विभाग की टीम के साथ तेंदुए की तलाश में जुट गए.
वन विभाग के खिलाफ लोगों में नाराजगी
इस दौरान वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों के बावजूद तेंदुए को अभी तक नहीं पकड़ा जा सका है. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में जल्द से जल्द पिंजरे लगाने, तेंदुए को पकड़ने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है. मौके पर भाजपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ठाकुर अजय प्रताप और ब्लॉक प्रमुख पति डॉ. वीर सिंह सैनी भी पहुंचे.
18 अगस्त को बलिया गांव में 60 साल की महिला की हुई थी मौत
यह आठ दिन के भीतर तेंदुए के हमले में दूसरी मौत है. इससे पहले 18 अगस्त को इसी बहापुर बलिया गांव की 60 वर्षीय बिरमो देवी की भी तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी. वह खेत पर चारा लेने गई थीं, तभी तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया था.

36-40 तेंदुए होने की बात, अभी 10 तेंदुए पकड़े गए
ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के करीब 36 से 40 गांवों में तेंदुए का आतंक बना हुआ है. बलिया, पिपली मलकपुर, श्यामली, लालापुर और पीपलसाना समेत कई गांवों के लोग दहशत में हैं. वन विभाग अब तक करीब 9 से 10 तेंदुओं को पकड़ चुका है, लेकिन इसके बावजूद इलाके में हमले और तेंदुओं की मौजूदगी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.
थर्मल ड्रोन, पेड़ों पर हिडेन कैमरे, फिर भी तेंदुए का आतंक जारी
वन विभाग का कहना है कि बहापुर बलिया क्षेत्र को अति-संवेदनशील मानते हुए निगरानी और रेस्क्यू ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है. आधुनिक थर्मल ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है. आबादी और तेंदुए की आवाजाही वाले रास्तों पर अतिरिक्त सक्रिय पिंजरे लगाए जा रहे हैं. विशेष रेस्क्यू टीम और ट्रैंकुलाइजर एक्सपर्ट्स भी इलाके में तैनात किए गए हैं.
वन क्षेत्र अधिकारी रिजुल कंसल ने NDTV से बातचीत में बताया कि वन विभाग लगातार तेंदुए को तलाशने और पकड़ने में जुटा हुआ है. ड्रोन, ट्रैप कैमरों और पिंजरों की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.
वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी हमारे संवाददाता से बातचीत में बताया कि गांवों में डर का माहौल है. उनका कहना है कि लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं और महिलाएं व बच्चे खास तौर पर सहमे हुए हैं.

मुरादाबाद में तेंदुए की तलाश के ऑपरेशन में जुटे वन विभाग के अधिकारी ने पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी.
Photo Credit: NDTV
गन्ने के खेत तेंदुए के छिपने में हो रहे कारगर
ग्रामीणों के मुताबिक, अमानगढ़ और कालागढ़ के जंगल पास होने के साथ ही रामगंगा नदी का इलाका भी आसपास है. आशंका है कि जंगली जानवर जंगल और नदी किनारे के रास्तों से निकलकर खादर इलाके के घने गन्ने के खेतों में छिप जाते हैं. यही घने खेत उन्हें छिपने की जगह देते हैं और वन विभाग के लिए उन्हें तलाशना मुश्किल हो जाता है.
डीएम बोले- 19 पिंजरे लगाए गए, ड्रोन, ट्रैप कैमरे की ली जा रही मदद
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया भी इलाके में 19 पिंजरे लगाए जाने की बात कह चुके हैं. इसके साथ ही ड्रोन, ट्रैप कैमरों और अन्य निगरानी उपकरणों से लगातार नजर रखी जा रही है. बावजूद इसके तेंदुए का आतंक कम नहीं हो रहा है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वन विभाग इस तेंदुए को कब तक पकड़ पाएगा और कब ठाकुरद्वारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को इस डर से राहत मिलेगी.
यह भी पढ़ें - मुरादाबाद-बिजनौर में तेंदुओं का आतंक! गन्ने के खेत बने ठिकाना, 2 हफ्ते में दर्जनों हमले और कई मौतें; प्रशासन अलर्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं