बुधवार को विंडीज के खिलाफ इसी महीने के आखिर से खेले जाने वाली तीन वनडे मैचों के लिए भारतीय के नाम का ऐलान हुआ, तो करोड़ों फैंस हैरान रह गए. ज्यादातर फैंस मानकर चल रहे थे कि श्रीलंका के खिलाफ जगह हाल ही में टेस्ट सीरीज में दमदार प्रदर्शन करने वाले विकेटकीपर ऋषभ पंत की जरूर वापसी होगी, लेकिन सेलेक्टरों ने पंत पर ध्रुव जुरेल को वरीयता प्रदान की. ऋषभ पंत ने भारत के लिए आखिरी वनडे मैच अगस्त 2024 में खेला था. दिसंबर 2022 में हुए उनके दर्दनाक कार हादसे के बाद से इस प्रारूप में यह उनकी एकमात्र उपस्थिति रही. दो साल पहले श्रीलंका का वह दौरा एक साल के लंबे सुधार (रिकवरी) के बाद पंत का अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी का जरिया बना था. वर्तमान मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल के दौरान वनडे में यह उनका आखिरी मैच भी साबित हुआ.
पंत को रेड-बॉल ड्यूटी पर भेजा
इंग्लिश अखबार हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को, जब चयनकर्ता वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए सीमित ओवरों की टीम चुनने के लिए बैठे, तो पंत को इस प्रारूप में वापसी की उम्मीद थी क्योंकि वनडे के कई नियमित खिलाड़ी एशियन गेम्स की ड्यूटी के कारण अनुपस्थित थे. इनमें विकेटकीपर ईशान किशन भी शामिल थे. भले ही केएल राहुल पहली पसंद के विकेटकीपिंग विकल्प बने रहते, लेकिन इसके बावजूद पंत के बैक-अप विकल्प के रूप में वापसी की मजबूत संभावनाएं थीं. लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया, लेकिन उनकी जगह ध्रुव जुरेल को चुना गया, जबकि पंत को ईरानी कप के लिए रेड-बॉल (रेड-बॉल क्रिकेट) ड्यूटी पर भेज दिया गया है. पंत को 'रेस्ट ऑफ इंडिया' का कप्तान बनाया गया है.
यह फीडबैक पंत की राह का रोड़ा?
इस फैसले को समझाना मुश्किल लग रहा था. न केवल इसलिए कि पंत सीधे तौर पर ईशान द्वारा खाली की गई जगह के हकदार थे, बल्कि इसलिए भी कि श्रेयस अय्यर की अनुपस्थिति में मध्यक्रम में एक जगह खाली थी, जबकि अक्षर पटेल की गैरमौजूदगी का मतलब यह भी था कि भारत को अंतिम एकादश (प्लेइंग इलेवन) में एक बाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत थी. हालांकि उनके चयन न होने का कारण सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका सीमित प्रभाव था. पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंत को इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि चयनकर्ता "टीम प्रबंधन के महत्वपूर्ण सदस्यों के फीडबैक" से प्रभावित थे. इनका मानना था कि इस बल्लेबाज ने "सीमित ओवरों के क्रिकेट (व्हाइट-बॉल क्रिकेट) की बात आने पर अपनी असाधारण प्रतिभा के साथ न्याय नहीं किया है.' बता दें कि टीम प्रबंधन में हेड कोच, कप्तान, उप-कप्तान और एक-दो सीनियर खिलाड़ी होते हैं. अब इस बाबत रोहित और विराट का कितना फीडबैक लिया गया है, यह एक बड़ा सवाल है क्योंकि ये दोनों वनडे सेट-अप के सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं
क्या यह सैंपल साइज छोटा है?
वैसे वनडे क्रिकेट में उनके मैचों का दायरा (सैंपल साइज) निश्चित रूप से छोटा रहा है.साल 2024 में उस एकमात्र मैच के बाद पंत ने 2025/26 सीजन में दिल्ली के कप्तान के रूप में सात साल के अंतराल के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी की. यहां उन्होंने छह पारियों में 112.76 के स्ट्राइक रेट से दो अर्धशतक सहित 212 रन बनाए. उनका औसत सिर्फ 42.40 का ही रहा और वह शीर्ष 10 तो छोड़िए, रन बनाने के मामले में टॉप -25 बल्लेबाजों में भी नहीं थे. उस समय पंत ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज की प्रतिबद्धताओं के कारण उससे पिछले साल लिस्ट-ए टूर्नामेंट में नहीं खेल पाए थे. दूसरी ओर, जुरेल पिछली विजय हजारे ट्रॉफी में पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, जिन्होंने 93 की औसत से सात पारियों में दो शतक और चार अर्धशतक की मदद से 558 रन बनाए थे. हालांकि, 2027 वनडे विश्व कप की टीम में जगह बनाने का मौका निश्चित रूप से चला गया है, लेकिन 28 वर्ष की उम्र में पंत के वनडे करियर के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं.
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