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This Article is From Sep 11, 2025

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई आज, जानें अब तक क्या हुआ

इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले में हिंदू पक्ष की तरफ से दाखिल 18 याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की सिंगल बेंच याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई आज, जानें अब तक क्या हुआ
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में सुनवाई आज.
  • मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगातार चल रही है.
  • मुस्लिम पक्ष ने प्रतिनिधि वाद पर सुनवाई करने और अन्य सभी मुकदमों पर रोक लगाने की मांग की है.
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाद संख्या सत्रह को प्रतिनिधि वाद मानते हुए उसकी सुनवाई को प्राथमिकता दी है.
प्रयागराज:

मथुरा के चर्चित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दोपहर दो बजे से सुनवाई होगी. इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है. अभी तक वाद बिंदू तय नहीं हो पाए है. इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले में हिंदू पक्ष की तरफ से दाखिल 18 याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की सिंगल बेंच याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

22 अगस्त को इस मामले में सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान शाही मस्जिद ईदगाह की ओर से सूट नंबर संख्या 1/2023, 2/2023, 4/2023, 5/2023, 6/2023, 7/2023, 8/2023, 9/2023, 11/2023, 12/2023, 13/2023, 14/2023, 15/2023, 16/2023 और 18/2023 में सीपीसी की धारा 15 के तहत हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया गया है जिसमें मस्जिद पक्ष ने आवेदन में समेकित मुकदमों (Consolidated Suits) की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है.

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मस्जिद पक्ष ने मूल वाद संख्या 17/2023 जिसे प्रतिनिधि वाद (Representative Suit) के रूप में नामित किया गया है उसके साथ आगे की कार्रवाई जारी रखने की हाईकोर्ट से प्रार्थना की है. हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा मामले में शाही ईदगाह कमेटी की ओर से सिर्फ प्रतिनिधि वाद पर सुनवाई करने की मांग पर हिंदू पक्ष को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी आपत्ति दाखिल करने के लिए कहा था.

मुस्लिम पक्ष की ओर से कोर्ट से मांग की गई है कि सिर्फ प्रतिनिधि वाद पर सुनवाई हो और अन्य वादों पर सुनवाई न की जाए. हालांकि मुस्लिम पक्ष के इस प्रार्थना पत्र का हिंदू पक्षकारों ने विरोध किया है.

बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को श्रीकृष्ण जन्मभूमि - शाही ईदगाह स्वामित्व संबंधी विवाद में सीपीसी के आदेश 1 नियम 8 के अंतर्गत प्रतिनिधि क्षमता के लिए दायर वाद संख्या के 17 के वादी का आवेदन स्वीकार कर लिया है. अब वाद संख्या 17 को ‘प्रतिनिधि वाद' (Representative Suit) माना जाएगा और पहले उसकी सुनवाई कर निर्णय लिया जाएगा.

इसके बाद शाही ईदगाह कमेटी ने प्रार्थना पत्र दाखिल कर कर प्रतिनिधि वाद (वाद संख्या 17) पर सुनवाई करने और अन्य सभी वादों पर रोक लगाने की मांग की है. वहीं पिछली सुनवाई के दौरान आगरा स्थित जामा मस्जिद की सीढि़यों के नीचे दबे विग्रह मामले में अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने कमीशन सर्वे पर रोक लगा रखी है. ऐसे में तबतक मामले में वाद बिंदु तय किए जाने चाहिए. उन्होंने वाद संख्या 13 में भी वाद बिंदु तय करने की मांग की है. इस पर भी कल सुनवाई होगी.

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वहीं श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद में एक स्पेशल अपील भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई है. स्पेशल अपील डिफेक्टिव दाखिल कर 18 जुलाई के आदेश को चुनौती दी गई है. इस अपील में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सिविल सूट नंबर-17 को प्रतिनिधि वाद (Representative Suit) को घोषित करने के आदेश को चुनौती दी गई है.

ये स्पेशल अपील सिविल सूट नंबर 7 के वादी के अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने दायर की है. अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने ये स्पेशल अपील मथुरा के योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट और क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट की तरफ से दायर की है. 21 अगस्त को याची अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट में पूजा स्थल अधिनियम 1991 (Places of Worship Act 1991) की याचिका विचाराधीन है.

कहा गया है कि याचिका में 12 दिसम्बर 2024 के अश्वनी कुमार उपाध्याय बनाम यूनियन ऑफ इंडिया आदि में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को इस प्रकार के केसों में अगले आदेश तक किसी भी प्रभावी अंतरिम आदेश व अंतिम आदेश पारित करने से रोक दिया है. दलील दी गई थी कि सिविल सूट नंबर 17 को प्रतिनिधि वाद बनाने का आदेश एक प्रभावी आदेश की श्रेणी में आता है.

कहा गया है कि प्रतिनिधि वाद का सिद्धांत तभी लागू होता है जब विवाद एक हो और पक्षकार बहुत हो लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद में वर्तमान में कुल 18 सिविल वाद विचाराधीन है. 11 जनवरी 2024 के आदेश से सभी वादों को एकीकृत किया जा चुका है.1 अगस्त 2024 के आदेश में हाइकोर्ट ने सभी सिविल वादों को पोषणीय (Maintainable) भी माना है.

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अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने कोर्ट को बताया कि वह माता पक्ष से प्रभु श्रीकृष्ण के वंशज है. उनकी माता जादौन वंश से है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट्स में जादौन क्षत्रियों को प्रभु श्रीकृष्ण का वंशज माना गया है. उन्होंने एएसआई रिपोर्ट में बताई गई जादौनों की वंशावली विशेष अपील व अपने सूट नंबर-7 में लिखी है. विशेष अपील वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र पाल सिंह गौर, अनिल कुमार सिंह, नमन किशोर शर्मा व मनीष कुमार ने दायर की है.

याचिका में 13 प्रतिवादी बनाए गए है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण (ठाकुर केशव देव जी महाराज श्री कृष्ण जन्म भूमि पर विराजमान और 12 अन्य), मथुरा के अस्थान श्रीकृष्ण जन्म भूमि, सुरेंद्र कुमार गुप्ता, महाबीर शर्मा, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, अंजुमन इस्लामिया, शाही मस्जिद ईदगाह, डीग गेट चौराहा, ज़मील क़ुरैशी, अबरार वारसी, समीरुद्दीन, मोहम्मद शाहिद कामरेवाले, हाफ़िज़ सलीम, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान शामिल है. इस स्पेशल अपील पर भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में डबल बेंच सुनवाई कर रही है.

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Deepak Gambhir
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