- प्रयागराज में स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल का नाम बदलकर ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखने की मांग तेज है
- चंबल फाउंडेशन का कहना है कि अस्पताल की जगह पहले जेल थी, जहां ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई थी
- अस्पताल का नाम बदलने की मांग को लेकर ठाकुर रोशन सिंह के स्मारक पर तीन दिन से आंदोलन जारी है
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को कांग्रेस का छात्रों की गूंज कार्यक्रम होने जा रहा है. राहुल गांधी इस कार्यक्रम में शामिल होकर छात्रों संग संवाद करेंगे और उनके कई मुद्दों को उठाएंगे. राहुल के कार्यक्रम में पहुंचने से पहले प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल का नाम बदले की मांग तेज हो गई है. इसे लेकर जगह-जगह होर्डिंग्स भी लगाए गए हैं.
प्रयागराज में अनिश्चितकालीन धरना जारी
स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल का नाम महान क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर करने को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी है. महुआ डाबर संग्रहालय के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन चल रहा है. प्रदर्शनकारी काकोरी कांड की 100वीं वर्षगांठ से पहले रोशन सिंह को राष्ट्रीय सम्मान देने की मांग कर रहे हैं. छात्रों, युवाओं और कई सामाजिक संगठनों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है. लोगों की मांग है कि जिस भूमि पर क्रांतिकारी ने बलिदान दिया, संस्थान का नाम उनके नाम पर होना चाहिए.

प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल का नाम बदलने की मांग
होर्डिंग्स के जरिए अस्पताल का नाम बदलने की मांग उठाई गई है चंबल फाउंडेशन नाम बदलने की मांग कर रहा है. बता दे कि प्रयागराज के अस्पताल का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू की मां स्वरूप रानी नेहरू के नाम पर है. अब इसे बदलकर ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखने की मांग कर रहा है.

अस्पताल का नाम ठाकुर रोशन सिंह रखने की मांग
चंबल फाउंडेशन की मांग है कि अस्पताल का नाम स्वरूप रानी नेहरू से बदलकर ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रख दिया जाए. कहा जाता है कि रोशन सिंह को इसी जगह पर फांसी दी गई थी. जानकारी के मुताबिक,अंग्रेजों के जमाने में अस्पताल वाली जगह पर जेल हुआ करती थी. कई क्रांतिकारी कैदियों को इस जेल में रखा गया था. इसी जेल में रोशन सिंह को फांसी के फंदे पर लटकाया गया था.
अस्पताल की जगह पर पहले जेल थी
आजादी के बाद साउथ मलाका जेल को तोड़कर अस्पताल बनाया गया था. इसीलिए चंबल फाउंडेशन अस्पताल का नाम रोशन सिंह के नाम पर रखने की मांग कर रहा है. बता दें कि स्वरूप नेहरू मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने मांग को लेकर ठाकुर रोशन सिंह के स्मारक पर तीन दिन से आंदोलन चल रहा है.
पंडित नेहरू की मां के नाम पर है अस्पताल
प्रयागराज में स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल मोतीलाल नेहरू की पत्नी के नाम पर रखा गया था. जिस इमारत पर अस्पताल बना है, वो आजादी से पहले एक जेल थी. इस जेल का नाम मलाका जेल था. इसकी स्थापना अंग्रेजों ने साल 1819 में की थी. यहां क्रांतिकारियों को कैद करने के अलावा उन्हें फांसी भी दी जाती थी. आज इस अस्पताल में जहां पोस्टमार्टम हाउस है, वो अंग्रेजों के जमाने में फांसी घर हुआ करता था.
यही रोशन सिंह को दी गई थी फांसी
बात करें ठाकुर रोशन सिंह की तो शाहजहांपुर में जन्मे क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह लखनऊ के काकोरी आंदोलन में शामिल थे. ठाकुर रोशन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें प्रयागराज की इसी मलाका जेल के फांसी घर में फांसी दी गई थी. आज भी स्वरूपरानी अस्पताल के मुख्य द्वार पर शहीद रोशन सिंह की एक प्रतिमा स्थापित है, जिसे साल 1972 में लगवाया गया था. आजादी के बाद मलाका जेल को सरकार ने सुधारगृह बना दिया. साल 1950 में मलाका जेल को प्रयागराज की नैनी में शिफ्ट कर दिया गया.
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