- बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं दिव्या मिश्रा
- पति मानस से चल रहा था विवाद
- पॉश इलाके में दिनदहाड़े हत्या की वारदात से सनसनी
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर में बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा की उनके पति मानस वाजपेयी ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद अपनी अविवाहित बहन को गोली मारी और फिर सुसाइड कर लिया. पुलिस ने बताया कि दिव्या मिश्रा बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में काम करती थीं. वह अपने क्लाइंट से मिलकर आ रहा थीं. पहले से घात लगाकर बैठे पति मानस ने दिव्या के सिर में पिस्टल सटाकर गोली मार दी.
दिव्या मिश्रा आलमबाग के स्नेहनगर क्षेत्र में रहती थीं और गोमतीनगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में कार्यरत थीं. पति मानस वाजपेयी एसबीआई बैंक में कार्यरत था. पुलिस के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था. दिव्या की शादी 12 साल पहले हुई थी. अभी कोई बच्चा नहीं था. उन्होंने एक साल पहले पति मानस से तलाक के लिए कोर्ट में अपील दायर की थी.
बैंक के बाहर मिलने बुलाया और पिस्टल से मार दी गोली
बताया जा रहा है कि गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे उनके पति मानस वाजपेयी ने उन्हें फोन किया और बैंक के बाहर मिलने के लिए बुलाया. दिव्या जैसे ही बैंक परिसर के बाहर पहुंचीं, वहां पहले से मौजूद मानस ने उनसे कुछ देर तक बातचीत की. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मानस ने दिव्या से बातचीत के ही अचानक पिस्टल से उसको गोली मार दी. गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं. घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मानस ने व्हॉट्सऐप पर लगाया था स्टेटस
हत्या से पहले मानस ने व्हॉट्सऐप पर स्टेटस भी लगाया था. स्टेटस में मानस ने लिखा था, आज मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है, क्योंकि वो मुझको धोखा दे रही थी. अब मैं खुद को और अपनी बहन को मारने जा रहा हूं.''

एसबीआई में काम करता था मानस, बहन को क्यों मारी गोली?
मानस वाजपेयी एसबीआई बैंक में कार्यरत था. बताया जा रहा है कि मानस ने अपनी बहन को इसलिए गोली मारी, क्योंकि उसके बाद उसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं था. मानस की बहन तूलिका वाजपेयी मानसिक रूप से कमजोर थी.
घर में बजने लगी हनुमान चालीसा, स्टेटस के बाद दो शव पड़े हुए मिले
मानस के पड़ोसी और शव को सबसे पहले देखने वाले अंकुर ने एनडीटीवी से बताया कि 12 साल पहले दोनों की शादी हुई थी. शुरू में रिश्ता ठीक था. बीते डेढ़ साल से पति-पत्नी अलग रह रहे थे. घर में सिर्फ मानस और उनकी बहन रहती थीं. मानस की बहन तूलिका मानसिक तौर पर अस्थिर थीं. मानस एसबीआई बैंक में ऑडिट का काम करते थे. आज दोपहर लगभग एक बजे वो घर आए. इसके बाद घर में हनुमान चालीसा बजने लगी. थोड़ी देर बाद मानस का स्टेटस आया और घर के अंदर जाकर देखा तो दो शव पड़े हुए थे.
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