- रेलवे के संविदाकर्मी ही शराब की तस्करी में शामिल
- ट्रेन के जरिए यूपी से बिहार तक की जा रही शराब की तस्करी
- 4 महीने में 9 संविदाकर्मियों की संलिप्तता आ चुकी है सामने
गोरखपुर: यूपी के गोरखपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए बिहार तक शराब की तस्करी हो रही थी. इस तस्करी में कोई और नहीं बल्कि रेलवे के संविदाकर्मी ही शामिल थे. अब तक 9 संविदाकर्मियों को हिरासत में लिया गया है. एसपी जीआरपी ने बताया कि बिहार में शराब बंद है, इस वजह से लोग यहां से शराब ले जाकर बिहार में अच्छी कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाते हैं. पिछले तीन-चार महीने में 9 संविदाकर्मियों की संलिप्तता पाई गई है. उन्हें हिरासत में लेकर कार्रवाई की गई है, साथ ही संविदा खत्म करने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है.
रेलवे में संविदा पर तैनात ये कर्मचारी कोच अटेंडेंट , बिजली कर्मी या सफाई कर्मी के पद पर तैनात हैं. ये लोग मुनाफाखोरी के चक्कर में बिहार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से आकर बिहार तक जाने वाली ट्रेनों में शराब की सप्लाई कर रहे थे. ये ट्रेनें गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रुकती हैं. इसी दौरान संविदाकर्मी अपना काम कर देते थे.
पिठू बैग से बरामद हुईं थीं शराब की बोतलें
जीआरपी पुलिस का कहना है कि 11 अगस्त को अवध-असम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15910) में नियमित चेकिंग की जा रही थी. इसी दौरान एक कोच अटेंडेंट की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. तलाशी लेने पर उसके पिठू बैग से शराब की बोतलें बरामद हुईं. आरोपी की पहचान असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरांग थाना क्षेत्र स्थित गौर पठार गांव निवासी 32 वर्षीय दिगन्ता गोगोई पुत्र महेश्वरी गोगोई के रूप में हुई है. आरोपी के बैग से कुल 15 बोतल शराब बरामद की गई. इनमें 750-750 एमएल की 9 बोतल रॉयल स्टैग और 750-750 एमएल की 6 बोतल रॉयल ग्रीन व्हिस्की शामिल हैं.

बरामद शराब की कुल मात्रा 11.250 लीटर और अनुमानित कीमत 10,350 रुपए बताई गई है. जीआरपी पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ट्रेन में कोच अटेंडेंट का काम करता है. नौकरी का फायदा उठाकर वह उत्तर प्रदेश से शराब खरीदता और ट्रेनों के जरिए बिहार ले जाकर दोगुने दाम पर बेचता था.
आठ लोगों को पहले भेजा जा चुका है जेल
बरामदगी के बाद जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर किया और उसके खिलाफ आगे की विधि कार्रवाई की गई. जीआरपी पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी के पहले आठ और लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया है.
संविदा समाप्त करने के लिए विभाग को लिखा गया पत्र
इस संबंध में एसपी जीआरपी गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि जीआरपी और आरपीएफ द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है. इधर, पिछले तीन-चार महीने में रेलवे के जो संविदा कर्मी हैं, जिसमे कोच अटेंडेंट, बिजली कर्मी, सफाई कर्मी शामिल हैं. इनकी संलिप्तता सामने आई है. उन्होंने बताया कि अब तक गोरखपुर अनुभाग में नौ संविदा कर्मियों पर कार्रवाई की गई है. इन लोगों की संविदा समाप्त करने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है.
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