- मध्य प्रदेश के गुना जिले में आईपीएस हितिका वासल ने एक करोड़ों रुपये के आभूषण डकैती मामले का सफल खुलासा किया है
- पुलिस ने चोरी का लगभग एक किलोग्राम सोना जमीन में छिपाए जाने की जानकारी मिलकर उसे बरामद किया है
- हितिका वासल ने तकनीकी साक्ष्यों और फिंगरप्रिंट एनालिसिस के जरिए अंतरराज्यीय नेटवर्क को पकड़ने पर जोर दिया
IPS Hitika Vasal: मध्य प्रदेश कैडर में भारतीय पुलिस सेवा की 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वासल फिर सुर्खियों में हैं. एमपी के गुना पुलिस अधीक्षक रहते हुए लेडी सिंघम हितिका वासल ने 1.5 करोड़ रुपये की सनसनीखेज आभूषण डकैती मामले में खुलासा किया है.
गुना पुलिस ने एक खेत की खुदाई कर जमीन में गाड़कर छिपाया गया लगभग 1 किलोग्राम (985.150 ग्राम) चोरी का सोना बरामद कर लिया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.48 करोड़ रुपये है. इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है.
इस पूरी कार्रवाई की सबसे खास बात रही गुना की नवागत पुलिस अधीक्षक और 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वासल की रणनीति. उन्होंने केवल चोरों के पीछे भागने के बजाय चोरी का माल ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क और खरीदारों पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे महज 6 दिनों के भीतर इस बड़ी डकैती की परतें उधड़ गईं.
बिना सीसीटीवी के मिली बड़ी कामयाबी
घटना गुना जिले के फतेहगढ़ थाने इलाके के गांव चाक चुरेला गांव की है, जहां 2 और 3 अगस्त 2026 की दरमियानी रात एक घर से लगभग 2.5 किलो सोने के जेवर, 3 किलो चांदी के आभूषण, 11.5 लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी. ग्रामीण इलाका होने के कारण घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जिससे शुरुआती जांच में पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था.
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुना SP हितिका वासल ने जांच का तरीका बदला. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, फिंगरप्रिंट एनालिसिस और डॉग स्क्वायड की मदद से वैज्ञानिक जांच शुरू की. इसके साथ ही संदिग्ध खरीदारों, हैंडल्स और अंतरराज्यीय नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया.
जमीन में गाड़ा था सोना, ऐसे हुआ पर्दाफाश
जांच में सामने आया कि संदिग्ध आरोपी एक जनजाति से ताल्लुक रखते हैं और गुना की चार बस्तियों में रहते हैं. पुलिस ने इन बस्तियों की सामुदायिक पंचायतों से संपर्क कर नेटवर्क पर दबाव बनाया. कड़ी मशक्कत और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को दो आरोपियों राजू कवरिया (35) और गजानन देवला (48) को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान दोनों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया और उनकी निशानदेही पर एक खेत से सोना बरामद किया गया.
11 जिलों और राजस्थान तक फैला था पुलिस का जाल
गुना पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार जम्मू-कश्मीर से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों से जुड़े हुए हैं. बाकी बचे चोरों और शेष चोरी की संपत्ति की बरामदगी के लिए मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, भोपाल, इंदौर, शाजापुर, देवास और विजयपुर समेत राजस्थान के बारां, कोटा, झालावाड़, छबड़ा और कावई में लगातार छापेमारी की जा रही है.
कौन हैं IPS हितिका वासल?
मार्च 2026 में गुना के चर्चित 'हवाला रकम लूट कांड' के बाद जब जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे, तब शासन ने कमान 2017 बैच की तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी हितिका वासल को सौंपी थी. पंजाब की रहने वाली हितिका वासल ने शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में बीए ऑनर्स और ब्रिटेन की प्रतिष्ठित मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में ही मास्टर डिग्री हासिल की.
हितिका वासल ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2016 में ऑल इंडिया 121वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उन्हें शुरुआत में राजस्थान कैडर आवंटित हुआ था. उनके पति दिव्यांक सिंह भी उन्हीं के बैच (2017) के आईएएस अधिकारी हैं. दिव्यांक सिंह को मध्य प्रदेश कैडर मिला था. इसी आधार पर हितिका ने 20 जनवरी 2020 को शादी का हवाला देते हुए राजस्थान से मध्य प्रदेश कैडर में अपना तबादला करवा लिया. IAS दिव्यांक सिंह मंदसौर जिले के कलेक्टर हैं.
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