Greater Noida News: जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport) की वजह से पूरे इलाके की किस्मत बदल रही है. एयरपोर्ट का असर अब रियल एस्टेट बाजार पर साफ दिखने लगा है. उत्तर प्रदेश रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने साल 2026 में अब तक राज्यभर में 74 नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है. इन सभी प्रोजेक्ट्स को मिलाकर कुल 12,500 करोड़ रुपये का निवेश होने जा रहा है. इस बड़े निवेश से जहां एक तरफ घर खरीदारों को नए विकल्प मिलेंगे, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे.
गौतमबुद्ध नगर में बनेंगे सबसे ज्यादा घर
यमुना सिटी एरिया में एयरपोर्ट की धमक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूपी रेरा से पास हुए कुल 74 प्रोजेक्ट्स में से अकेले 18 प्रोजेक्ट गौतमबुद्ध नगर के हिस्से में आए हैं. पूरे राज्य के हिसाब से देखें तो करीब 30 फीसदी प्रोजेक्ट अकेले इसी जिले में शुरू हो रहे हैं. अगर मकानों, दुकानों और दफ्तरों की कुल संख्या की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कुल 13,200 यूनिट्स का निर्माण होना है. इसमें से अकेले 5,126 यूनिट्स गौतमबुद्ध नगर में ही बनेंगी, जो कि पूरे प्रदेश की कुल संख्या का लगभग आधा यानी 50 प्रतिशत हिस्सा है. इसके अलावा पड़ोसी जिले गाजियाबाद में भी 10 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है.
रेरा की 199वीं बैठक में हुए बड़े फैसले
प्रोजेक्ट्स को तेजी से पास करने के लिए यूपी रेरा मुख्यालय में ताबड़तोड़ बैठकें हो रही हैं. 1 अप्रैल को प्राधिकरण की 199वीं बैठक बुलाई गई थी, जिसमें 3212.63 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 11 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली. इन प्रोजेक्ट्स के जरिए बाजार में कुल 2914 नए फ्लैट, प्लॉट, विला और दफ्तर तैयार किए जाएंगे. इस बैठक में गाजियाबाद के लिए 1108.69 करोड़ रुपये की लागत वाला एक प्रोजेक्ट पास हुआ, जिसमें 568 घर बनेंगे. वहीं, गौतमबुद्ध नगर के लिए 843.14 करोड़ रुपये की लागत वाले एक बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई, जिसके तहत 1077 आईटी दफ्तरों का निर्माण किया जाएगा.
200वीं बैठक में भी लगी मुहर
इसके ठीक बाद गुरुवार को यूपी रेरा मुख्यालय में 200वीं प्राधिकरण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में कुल 1300.38 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाले 13 और नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई. इन प्रोजेक्ट्स के आने से उत्तर प्रदेश के 8 अलग-अलग जिलों में 1976 नई आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स बन सकेंगी. इस वाली बैठक में गाजियाबाद जिला सबसे आगे रहा, जहां 767.58 करोड़ रुपये की लागत वाले दो हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली. इनमें 1137 घर बनाए जाएंगे. इसी बैठक में गौतमबुद्ध नगर के लिए 141.14 करोड़ रुपये की लागत वाले एक कमर्शियल प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई, जिसमें 21 यूनिट्स बनाई जाएंगी.
लखनऊ समेत इन शहरों तक पहुंचा रीयल एस्टेट बूम
ऐसा नहीं है कि विकास सिर्फ नोएडा और गाजियाबाद तक ही सिमटा हुआ है. रेरा की इस 200वीं बैठक में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. लखनऊ के अलावा राज्य के अन्य प्रमुख शहरों जैसे मथुरा, सहारनपुर, बरेली, वाराणसी और मुरादाबाद में भी एक-एक नए प्रोजेक्ट को पास किया गया है. साफ है कि यूपी के छोटे-बड़े शहरों में अब कंस्ट्रक्शन का काम तेजी पकड़ रहा है और रीयल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है.
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