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कंसा किला विवाद पर बवाल: पासी समाज ने सपा सांसद को घेरा, आर के चौधरी को निकाला समाज से बाहर!

लखनऊ के मलीहाबाद में कंसा किला विवाद ने सियासी रंग ले लिया है. पासी समाज ने सपा सांसद आरके चौधरी का घेराव कर नाराजगी जाहिर की और उन्हें समाज से बाहर करने की बात कही. राजा कंस का नाम न लेने पर विवाद और बढ़ गया.

कंसा किला विवाद पर बवाल: पासी समाज ने सपा सांसद को घेरा, आर के चौधरी को निकाला समाज से बाहर!
ANI

लखनऊ के मलीहाबाद में ‘कंसा किला' विवाद अब सियासी रंग लेता जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर पासी समाज का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है और उन्होंने समाजवादी पार्टी के पासी सांसद आरके चौधरी का घेराव कर दिया. नाराज लोगों ने उन्हें समाज से बाहर करने तक की बात कह दी. दरअसल, राजा कंस का नाम न लेने को लेकर यह विवाद और तेज हो गया है, जिससे सियासत भी गरमा गई है.

कंसा किला विवाद ने पकड़ा तूल

मलीहाबाद की एक विवादित इमारत को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. पासी समाज इस इमारत को ‘कंसा का किला' मानता है, जबकि मुस्लिम समाज इसे नमाज के लिए उपयोग करने का दावा करता रहा है. इसी विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है और मामला सीधे सियासी गलियारों तक पहुंच गया है.

सपा सांसद का किया घेराव

पासी समाज के लोगों ने लखनऊ में ‘लाखन आर्मी' के बैनर तले मोहनलालगंज के सांसद आरके चौधरी का घेराव किया. इस दौरान माहौल काफी गरमाया रहा. लोगों ने खुलकर अपना विरोध जताया और सांसद के खिलाफ नारेबाजी भी की.

राजा कंस का नाम न लेने पर बढ़ा गुस्सा

दरअसल, पासी समाज के लोग इस बात से नाराज थे कि ज्ञापन देते वक्त आरके चौधरी ने राजा कंस का नाम नहीं लिया. इसे लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने इसे समाज के सम्मान से जोड़ दिया. इसी वजह से आक्रोश और ज्यादा भड़क गया.

पासी समाज का नेतृत्व कर रहे सूरज पासी ने कहा कि सांसद ने सिर्फ ज्ञापन देखने और पार्टी स्तर पर बात करने की बात कही है, लेकिन समाज को ठोस जवाब चाहिए. उनका कहना है कि अगर उनकी आवाज संसद में नहीं उठाई गई, तो वे कोर्ट का रास्ता अपनाएंगे.

‘वोट मांगकर हमें किया नजरअंदाज'

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि चुनाव के समय उनसे वोट मांगे गए, लेकिन अब उनकी भावनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने इसे समाज के साथ अन्याय बताया और कहा कि यह चिंता का विषय है कि उनके प्रतिनिधि उनकी बात नहीं सुन रहे.

कंसा किला विवाद अब समाजवादी पार्टी के लिए भी परेशानी का कारण बनता दिख रहा है. पिछले लोकसभा चुनाव में पासी समाज का समर्थन सपा को बड़ी संख्या में मिला था और पार्टी के पांच पासी सांसद संसद पहुंचे थे. अब उसी समाज का विरोध सपा के लिए सियासी चुनौती बन सकता है.

आरके चौधरी की सफाई

इस मामले पर सांसद आरके चौधरी ने कहा कि वे ज्ञापन का अध्ययन करेंगे और पूरे मामले को समझने के बाद अधिकारियों से बात करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी समाज के मुद्दों को उठाया है और आगे भी उठाते रहेंगे.

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