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जूते की दुकान में चल रहा था अस्पताल; कानपुर में छापेमारी, 48 घंटे का अल्टीमेटम, शटर गिराकर भागे झोलाछाप डॉक्टर

कानपुर देहात के मुंगीशापुर में स्वास्थ्य विभाग ने जूते-चप्पल की दुकान की आड़ में चल रहे कथित अवैध अस्पताल का भंडाफोड़ किया है. कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक बंद कर फरार हो गए.

जूते की दुकान में चल रहा था अस्पताल; कानपुर में छापेमारी, 48 घंटे का अल्टीमेटम, शटर गिराकर भागे झोलाछाप डॉक्टर
जूते की दुकान में चल रहा था अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग की रेड में बड़ा खुलासा
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  • जूते-चप्पल की दुकान के अंदर चल रहा था अस्पताल, रेड में खुला राज
  • स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप, शटर गिराकर भागे झोलाछाप डॉक्टर
  • 48 घंटे में दस्तावेज दिखाने के आदेश, वरना होगी कानूनी कार्रवाई
कानपुर:

क्या किसी जूते-चप्पल की दुकान के अंदर अस्पताल चल सकता है? कानपुर देहात में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर ऐसे कथित अस्पताल का खुलासा किया, जहां बाहर जूतों की दुकान और अंदर मरीजों का इलाज किया जा रहा था. कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में चल रहे कई अवैध क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब के शटर गिर गए. अब विभाग ने संचालकों को 48 घंटे में दस्तावेज पेश करने का अल्टीमेटम दिया है.

जूते-चप्पल की दुकान के अंदर चल रहा था इलाज

मामला कानपुर देहात के मुंगीशापुर क्षेत्र का है. स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि एक जूते-चप्पल की दुकान की आड़ में बिना अनुमति के चिकित्सा सेवाएं संचालित की जा रही हैं. सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की. जांच के दौरान सामने आया कि दुकान के अंदर कथित रूप से मरीजों का इलाज किया जा रहा था. बाहरी हिस्से में सामान्य जूते-चप्पल की दुकान दिखाई दे रही थी, जबकि अंदर चिकित्सा गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई.

जूते-चप्पल की दुकान में चल रहा इलाज

जूते-चप्पल की दुकान में चल रहा इलाज

छापेमारी की खबर से मचा हड़कंप

स्वास्थ्य विभाग को जब इस अनोखे अस्पताल की भनक लगी, तो टीम ने बिना कोई देरी किए मौके पर धावा बोल दिया. बाहर जूतों की नुमाइश और अंदर मरीजों का इलाज देखकर खुद अधिकारी भी दंग रह गए. स्वास्थ्य विभाग की इस छापेमारी की खबर इलाके में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई. नतीजा यह हुआ कि डेरापुर और मुंगीशापुर में चल रहे अन्य दर्जनों अवैध क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब के संचालकों के पसीने छूट गए. देखते ही देखते इलाके के कई शटर धड़ाधड़ गिरने लगे और झोलाछाप डॉक्टर अपने-अपने क्लीनिक बंद कर मौके से रफूचक्कर हो गए.

फर्जी क्लीनिक पर छापेमारी

फर्जी क्लीनिक पर लापरवाही भरा इलाज

अवैध क्लीनिक और लैब को दिए गए नोटिस

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केवल इस जूते-चप्पल वाले अस्पताल का ही भंडाफोड़ नहीं किया, बल्कि इलाके में कुकुरमुत्ते की तरह फैले अन्य अवैध क्लीनिकों और अस्पतालों को भी नोटिस थमा दिया. टीम ने सख्त लहजे में ऐसे सभी ठिकानों को तुरंत बंद करा दिया है. फरार और पकड़े गए संचालकों को नोटिस जारी कर दो दिन (48 घंटे) के भीतर अपने वैध दस्तावेज और जवाब पेश करने का अल्टीमेटम दिया गया है.

छापामार कार्रवाई

छापामार कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने दिखाई सख्ती 

इस सनसनीखेज मामले पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डेरापुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुनीत पाण्डेय ने सख्त तेवर दिखाए हैं. उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, क्षेत्र में बिना अनुमति के चल रहे सभी अवैध क्लीनिक और लैब संचालक अपना काम तुरंत बंद कर दें. अगर कोई भी बिना वैध लाइसेंस के यह धंधा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी. किसी को भी चंद रुपयों के लालच में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी.

जूते की दुकान की आड़ में चल रहे इस फर्जी अस्पताल ने इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब देखना यह है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों पर स्थाई तौर पर लगाम लग पाती है या नहीं.

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