लखनऊ में हुए हालिया अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में बेसमेंट में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन सख्त नजर आ रहा है. कानपुर में भी प्रशासन सख्ती दिखा रहा है. कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) के दस्ता ने बुधवार को कई कोचिंग संस्थान, रेस्तरां के अलावा अन्य कमर्शियल दुकानों को सील किया था, लेकिन केडीए की कार्रवाई एक दम हाई-प्रोफाइल तब हो गई, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई बिट्टू महाना की बिल्डिंग पर कार्रवाई हो गई और इसे सील कर दिया गया.
यह बिल्डिंग चकेरी क्षेत्र स्थित हरजिंदर नगर में है. केडीए की टीम शहर भर में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों और कमर्शियल गतिविधियों पर नकेल कस रही थी. इसी अभियान के तहत टीम ने बिट्टू महाना की बिल्डिंग को भी सील कर दिया, जिसके बेसमेंट में रेस्तरां और कोचिंग का संचालन पाया गया था.
अधिकारियों पर जताई नाराजगी
केडीए की कार्रवाई के बाद बिट्टू महाना आक्रोशित हो गए और वह अधिकारियों से नोकझोंक करने लगे. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि क्या विकास प्राधिकरण की जानकारी और मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी इमारतें खड़ी हो सकती हैं? उन्होंने नाराजगी जाहिर की और बताया कि यह बिल्डिंग वर्ष 2005-06 में बनी थी. पिछले 18-19 सालों में किसी अधिकारी को कोई आपत्ति नहीं हुई और अब बिना पूर्व नोटिस के सील कर दी.
मामला कद्दावर नेता से जुड़ा था तो रसूख भी दिखना लाजिमी था. सीलिंग के बाद कुछ ही घंटों में केडीए के अधिकारियों ने बिल्डिंग की सील हटा दी. अपनी लाज बचाने और मामले को शांत करने के लिए केडीए ने आनन-फानन बिट्टू महाना को कारण बताओ नोटिस थमा दिया.
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