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"कुछ तो गड़बड़ है", श्रीलंका टेस्ट के बीच सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट की एक बड़ी चिंता की ओर किया इशारा

Sunil Gavaskar on Jasprit Bumrah and Players Injury: सुनील गावस्कर ने भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने को लेकर बड़ा बयान दिया है और उसके पीछे की बड़ी वजह को लेकर भी अपनी राय रखी है.

"कुछ तो गड़बड़ है", श्रीलंका टेस्ट के बीच सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट की एक बड़ी चिंता की ओर किया इशारा
Sunil Gavaskar on Jasprit Bumrah and Players Injury:

Sunil Gavaskar on Jasprit Bumrah and Players Injury: जसप्रीत बुमराह से लेकर हार्दिक पांड्या और साई सुदर्शन से लेकर हर्षित राणा तक, हाल के हफ़्तों में टीम इंडिया के खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने पर काफ़ी सवाल उठाए गए हैं. BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoE) पर भी दबाव बढ़ा है, क्योंकि बुमराह और हर्षित जैसे खिलाड़ी मैदान पर वापसी के कुछ ही समय बाद चोटिल हो गए. भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने CoE का बचाव करते हुए कहा है कि गलती खिलाड़ियों के ट्रेनिंग के तरीकों में हो सकती है. गावस्कर ने इस बात पर जोर दिया कि "जिम-फ़िट" होने के बजाय "मैच-फ़िट" होना ज़्यादा जरूरी है.

गावस्कर ने 'मिड-डे' में लिखे एक कॉलम में कहा, "बुमराह को घुटने की चोट है, लेकिन देखा गया है कि ज़्यादातर भारतीय खिलाड़ी हैमस्ट्रिंग की चोट से परेशान रहते हैं. साफ है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ गड़बड़ है, और इसीलिए उन्हें बार-बार हैमस्ट्रिंग की चोट लग रही है." उन्होंने कहा, "ये चोटें तब लगती हैं जब वो भारत के लिए खेल रहे होते हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि इसका दोष BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो पर मढ़ दिया जाता है."

गावस्कर ने उन तैयारी के तरीकों पर सवाल उठाए जिनसे खिलाड़ियों को खेलने के लिए फिट घोषित किए जाने से पहले गुजरना पड़ता है.

उन्होंने आगे लिखा, "तथाकथित बायोमैकेनिक्स, जिसके तहत एक बॉलर प्रैक्टिस नेट्स में सिर्फ़ कुछ ही गेंदें फेंक सकता है, एक संदिग्ध तरीका है. यहाँ तक कि IPL में भी पता चला है कि कुछ विदेशी फ़िज़ियो बॉलर्स को नेट्स में 20 से ज़्यादा गेंदें नहीं फेंकने देते. अगर मैच में आपको 24 गेंदें फेंकनी हैं - यानी अगर आप नो-बॉल और वाइड नहीं फेंकते हैं - तो नेट्स में कम गेंदें फेंकने से क्या फ़ायदा होगा?"

गावस्कर ने कहा, "यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है कि ये चोटें बार-बार क्यों लग रही हैं. जिम-फ़िट होने से ज़्यादा जरूरी मैच-फ़िट होना है. लेकिन हो सकता है कि मैं उस पीढ़ी से हूँ जिसके फ़िटनेस को लेकर विचार अलग थे."

बुमराह और हार्दिक जैसे खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने से टीम इंडिया की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2027 के फ़ाइनल में पहुँचने की दौड़ और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों पर असर पड़ा है.

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