कानपुर पुलिस ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस नेटवर्क के जरिए लोगों को गोल्ड लोन और सरकारी योजनाओं का लालच देकर ठगी की जाती थी. हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह में शामिल कई आरोपी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बनाते थे. पुलिस ने इस मामले में 50-50 हजार रुपये के इनामी आरोपी राजवीर उर्फ ओंकार और शिवम सिन्हा को गिरफ्तार किया है. वहीं गिरोह का मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा अभी भी फरार है और उसके देश से बाहर होने की जानकारी सामने आई है.
मास्टरमाइंड बदलता था नाम और पहचान
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना सुल्तान मिर्जा बेहद शातिर है. उसने बीटेक की पढ़ाई की है और गिरफ्तारी से बचने के लिए समय-समय पर अपनी पहचान बदलता रहता था. वह कभी अभय शुक्ला, कभी जॉन चीना तो कभी वैलेंटाइन नाम का इस्तेमाल करता था. गिरफ्तार आरोपी शिवम सिन्हा उसका बेहद करीबी बताया जा रहा है. शिवम ने बैचलर ऑफ टूरिज्म की पढ़ाई की है. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और आईपीएस रामटेके ने बताया कि सुल्तान की तलाश लगातार की जा रही है.
हर महीने खुलवाए जाते थे 25 से 30 फर्जी खाते
जांच में सामने आया कि सुल्तान नए बैंक खाते खुलवाने के लिए अपने साथियों को हर महीने 25 हजार रुपये देता था. गिरोह ने शहर में सात अलग-अलग हब बना रखे थे. यहां खासकर मुस्लिम इलाकों, कम पढ़े-लिखे लोगों और युवाओं के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाते खुलवाए जाते थे. आरोप है कि बैंक के कुछ अधिकारियों से भी उसकी मिलीभगत थी. एमएसएमई के जरिए फर्जी फर्म का रजिस्ट्रेशन कराकर करंट अकाउंट खोले जाते थे और इन्हीं खातों से ठगी की रकम का लेनदेन होता था.
9 राज्यों में 1600 शिकायतें, 250 करोड़ का लेनदेन
पुलिस के अनुसार वर्ष 2021 से अब तक इस गिरोह के खिलाफ देश के 9 राज्यों में करीब 1600 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं. जांच के दौरान 124 बैंक खातों का पता लगाया गया है, जिनके जरिए करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. राजवीर ने अपनी बहन और बहनोई के नाम पर भी खाते खुलवाए थे, जिनमें लाखों रुपये जमा कराए जाते थे. पुलिस को ऐसे खातों में 55 से 60 लाख रुपये मिले हैं. अब तक 4 करोड़ 25 लाख रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं.
ठगी के पैसों से लग्जरी जिंदगी, अब होगी संपत्ति कुर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य ठगी की रकम से आलीशान जिंदगी जी रहे थे. आरोपी शिवम सिन्हा 2222 वीआईपी नंबर वाली लग्जरी कार से चलता था और उसने बिहार में करीब दो करोड़ रुपये का गेस्ट हाउस भी खरीदा है. मास्टरमाइंड सुल्तान दो बार दुबई की यात्रा कर चुका है और फिलहाल देश से बाहर बताया जा रहा है. पुलिस अब गिरोह के सभी आरोपियों की अवैध संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करने की तैयारी कर रही है.
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