- यूपी कैडर की आईपीएस सारिका चौधरी राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पिलानी से हैं.
- सारिया चौधरी ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में AIR 548 हासिल की.
- अब 23 आईपीएस अफसरों के साथ सारिका चौधरी को भी नियमित तैनाती मिली है.
IPS Sarika Choudhary: भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सारिका चौधरी की सक्सेस स्टोरी कमाल की है. ये स्कूल-कॉलेज की टॉपर रहीं, मगर यूपीएससी के शुरुआती चार प्रयास में तो प्री भी पास नहीं कर पाईं. फिर FOMO पर जीत पाकर पांचवें प्रयास में पूरा गेम ही बदल दिया और उत्तर प्रदेश कैडर में आईपीएस बन गईं.
23 IPS की नई तैनाती, सारिका चौधरी सहारनपुर ASP
सारिका चौधरी की सफलता की कहानी का जिक्र हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि 20 अगस्त 2026 को यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2023 व 2024 बैच के 23 आईपीएस अधिकारियों को उनकी पहली नियमित पोस्टिंग दी है. आईपीएस सारिका चौधरी को सहायक पुलिस आयुक्त से सहारनपुर एएसपी लगाया गया है.

यूपी कैडर की आईपीएस सारिका चौधरी राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पिलानी से हैं.
पीएचडी छोड़कर चुनी UPSC की राह
सारिका चौधरी ने एक मीडिया इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने 12वीं कक्षा में टॉप किया था, जिसकी वजह से उनको राजस्थान के बिट्स पिलानी में इंजीनियरिंग में दाखिला मिला. फिर इंजीनियरिंग छोड़ दी और दिल्ली के हिंदू कॉलेज में प्रवेश लिया. यहां से साल 2014 में स्नातक व मास्टर डिग्री ली. कॉलेज टॉपर भी रहीं.

सारिया चौधरी ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में AIR 548 हासिल की.
उसके बाद दिल्ली में ही रहकर इतिहास से नेट पास किया. जेएनयू से पीएचडी करने लगीं, लेकिन इसी दौरान सिविल सेवा की ओर रुझान हुआ तो पीएचडी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करने लगीं. साल 2019 से 2022 तक लगातार चार प्रयासों में यूपीएससी की प्री भी पास नहीं कर पाईं.
FOMO पर पाई जीत और बदला पूरा गेम
सारिका चौधरी के अनुसार उनको साल 2023 में पांचवीं बार यूपीएससी की परीक्षा देनी थी, मगर तब वो FOMO का शिकार हो गईं. फोमो मतलब फियर ऑफ मिसिंग आउट. यूपीएससी की तैयारी में चार प्रयासों की तरह इस बार भी कुछ छूट जाने या पीछे रह जाने का डर सताने लगा था. सबसे पहले FOMO पर जीत पाई और तय किया कि परिणाम चाहे जो कुछ भी हो वह पांचवीं बार भी कोशिश करेंगी.

अब 23 आईपीएस अफसरों के साथ सारिका चौधरी को भी नियमित तैनाती मिली है.
पांचवें प्रयास में प्री से तीन दिन पहले ही यूपीएससी 2022 का रिजल्ट आया तो दो करीब दोस्तों का पांचवें और छठे प्रयास में यूपीएससी नहीं निकला तो फिर निराश हुईं, मगर खुद पर भरोसा रखकर प्री में बैठीं. पास हुईं तो मुख्य परीक्षा लिखने की हिम्मत अपने आप आ गई. बिना किसी दबाव के, पूरी रणनीतिक स्पष्टता और सीमित सोर्स के साथ तैयारी की, मगर परीक्षा से 10 दिन पहले माइग्रेन अटैक झेला. इसके बावजूद हार नहीं मानी. फिर इंटरव्यू भी निकाल लिया और अखिल भारतीय स्तर पर 548वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं.
कौन हैं आईपीएस सारिका चौधरी?
सारिका चौधरी राजस्थान के झुंझुनूं के पिलानी के वार्ड 13 की रहने वाली हैं. इन्होंने जब यूपीएससी पास की थी तब इनके पिता मुकेश चौधरी बीकानेर में तहसीलदार व माता सुमन चौधरी सरकारी स्कूल में प्राचार्या थीं. 1 जनवरी 1994 को जन्मीं सारिका चौधरी अब उत्तर प्रदेश कैडर में साल 2024 की आईपीएस अधिकारी हैं.
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