- बजरंग प्रसाद यूपी कैडर में 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.
- यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में AIR-454 हासिल की.
- अब इनको ट्रेनिंग के बाद आगरा में पहली फील्ड पोस्टिंग दी गई है.
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बजरंग प्रसाद इस समय सुर्खियों में हैं. इसकी दो मुख्य वजहें हैं. एक तो उनके पिता की हत्या के आरोपियों को अदालत से सजा मिली है और दूसरी वजह यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद बजरंग प्रसाद को बतौर आईपीएस पहली फील्ड पोस्टिंग दी गई है. उन्हें आगरा में तैनात किया गया है. इससे पहले वे मेरठ में सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षु) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे.
आईपीएस बजरंग प्रसाद की सफलता की कहानी
आईपीएस बजरंग प्रसाद के संघर्ष और सफलता की यह कहानी उन युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है, जो परिवार के मुश्किल हालात के आगे हार मान जाते हैं या यूपीएससी में लगातार असफल होने पर मेहनत करना छोड़ देते हैं. बजरंग प्रसाद का हौसला न तो पिता की हत्या तोड़ सकी और न ही यूपीएससी में मिली दो बार की असफलताएं.
प्रशिक्षण के पश्चात् प्रथम पोस्टिंग आगरा जिले में।
— BAJRANG PRASAD IPS 🇮🇳 (@IPSbajrangpy) August 20, 2026
दायित्वों के निर्वहन में ईश्वर सम्बल दें।
जय हिंद 🇮🇳 pic.twitter.com/IdpcgXOdjw
कौन हैं आईपीएस बजरंग प्रसाद?
2 सितंबर 1998 को जन्मे बजरंग प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले हैं. संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2022 में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 454वीं रैंक हासिल की थी. यूपीएससी में वे अपने तीसरे प्रयास में सफल हुए. उनके पास बीएससी की डिग्री है.
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बजरंग प्रसाद के पिता की हत्या
वर्ष 2020 में बजरंग प्रसाद के पिता राजेश कुमार यादव की उनके गांव में एक जमीन विवाद में हत्या कर दी गई थी. इस दुखद वारदात के समय बजरंग प्रसाद दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे. आईपीएस बनने के बाद, 14 अगस्त 2026 को बजरंग प्रसाद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर जानकारी दी कि उनके पिता की हत्या के सभी 9 अभियुक्तों को बस्ती अदालत ने दस-दस साल की सजा सुनाई है. मीडिया खबरों के अनुसार, बेटे की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए उनकी मां ने उन्हें पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने के लिए घर आने नहीं दिया था.
आईपीएस बजरंग प्रसाद के तीन भाई अम्बिका प्रसाद, अरविंद यादव व विकास व एक बहन है. बहन सेना में सेवाएं दे रही हैं. मां कुसुमलता का सपना था कि बेटा पुलिस अधिकारी बने. साल 2019 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी करने के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए थे. साल 2020 की यूपीएससी की परीक्षा दे रहे थे तब प्री से 10-15 दिन पहले इनके पिता की हत्या हो गई थी.
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